दिलीप जायसवाल के फिर से नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री बनने के बाद अब फिर से भाजपा में नए अध्यक्ष की तलाश शुरू होगी। सम्राट चौधरी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे, जब उनको उप मुख्यमंत्री बनाया गया तो उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उसके बाद दिलीप जायसवाल को मंत्री बनाया गया, जो उस समय राज्य सरकार के भू राजस्व व निबंधन मंत्री थे। वे थोड़े समय तक दोनों पदों पर रहे क्योंकि उस समय जमीन के सर्वेक्षण का काम शुरू हुआ था। उसके बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। लेकिन ऐसा लग रहा है कि प्रशांत किशोर को चिढ़ाने के लिए दिलीप जायसवाल को फिर से मंत्री बनाया गया है।
वैसे जानकार सूत्रों का कहना है कि भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने दिलीप जायसवाल का नाम शामिल कराया। कहा जा रहा है कि अगर एक आदमी का मंत्रिमंडल बनवाना होता तो बीएल संतोष उन्हीं को बनवाते। बहरहाल, अब उनकी जगह नया अध्यक्ष कौन बनेगा इसकी चर्चा अभी से शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि भाजपा किसी सवर्ण को इस बार जिम्मा दे सकती है। राधामोहन सिंह, गोपाल नारायण सिंह, मंगल पांडेय जैसे सवर्ण नेता पिछले कुछ समय में भाजपा के अध्यक्ष बने हैं। इस बार राजपूत समाज के किसी नेता को भाजपा का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि यह बदलाव तुरंत होगा या दिलीप जायसवाल थोड़े समय तक दोनों जिम्मेदारी संभालते रहेंगे यह देखने वाली बात होगी। लेकिन बदलाव होगा क्योंकि भाजपा एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत को मानने का दावा करती है।
