मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे। भले जनता दल यू की सीटों की संख्या भाजपा से कम है या भाजपा ने उनको मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित नहीं किया था। लेकिन मुख्यमंत्री वे ही बनेंगे। उस पर कोई सवाल नहीं है। लेकिन सवाल यह है कि उप मुख्यमंत्री कौन होगा और कितने होंगे? भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी का नाम तय बताया जा रहा है। वे उप मुख्यमंत्री के रूप में बेहद प्रभावी रहे और नीतीश कुमार के साथ मिल कर बनाया गया जातीय समीकरण साधने में भी उनकी बड़ी भूमिका रहे। दूसरे, लालू प्रसाद के परिवार से लड़ने के लिए भाजपा को एक मजबूत नेता की जरुरत है, जो जातीय गणित में भी फिट बैठता हो। वैसे भी अमित शाह ने उनको बड़ा आदमी बनाने की बात कही थी। सो, अगर सीएम नहीं बन रहे हैं तो डिप्टी सीएम का पद तय है। लेकिन उसके बाद क्या? सम्राट के अलावा क्या फिर विजय सिन्हा उप मुख्यमंत्री बनेंगे?
इसके अलावा एक बड़ा सवाल यह है कि क्या लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास की ओर से भी किसी को उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा? चिराग पासवान की पार्टी के 19 विधायक जीते हैं। कुछ समय पहले तक खुद चिराग पासवान चुनाव लड़ने की बात कर रहे थे। उनकी पार्टी बिहार बुला रहा है का नारा लगा रहे थे। तभी यह चर्चा शुरू हो गई है कि चिराग खुद उप मुख्यमंत्री बनने का दांव चल सकते हैं या अपने बहनोई अरुण भारत को बनाने की कोशिश कर सकते हैं और नहीं तो पार्टी के किसी दूसरे नेता को बनाने की कोशिश तो जरूर करेंगे। सो, भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी के अलावा कौन और चिराग की पार्टी से कौन, यह बड़ा सवाल है। क्या भाजपा की ओर से नितिन नवीन या मंगल पांडेय में से कोई बनेगा? लोजपा की ओर से क्या कोई दलित डिप्टी सीएम हो सकता है? इन तमाम बातों पर पटना के राजनीतिक हलके में खूब अटकलें लग रही हैं।
