पूरे विपक्ष का ज्ञानेश पर हमला

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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ऊपर विपक्ष ने जोरदार हमला बोला है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट सामने आने के बाद राहुल गांधी सहित सभी विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप दोहराए। राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर वोट चोरी को संविधान के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि समय आने पर किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। अखिलेश यादव से लेकर अरविंद केजरीवाल और उद्धव ठाकरे सबने ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग की।

असल में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि ज्ञानेश कुमार अपने संवैधानिक दायरे से बाहर निकल कर फैसले करते हैं और दो अन्य चुनाव आयुक्तों को फैसलों में शामिल नहीं करते हैं। दोनों आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार इसकी शिकायत की है। दोनों आयुक्तों ने ‘अवैध और अनधिकृत’ काम करने का आरोप भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाया है। इस रिपोर्ट को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने एक वीडियो में कहा है, ‘मैं इलेक्शन कमीशन और इलेक्शन ऑफिसर्स को साफ कह रहा हूं कि आप जो कर रहे हो गलत कर रहे हो। ये राजद्रोह है, देश के खिलाफ है। टाइम आएगा। हम आपको पकड़ेंगे। बचने वाले नहीं हो’। कांग्रेस के सांसद और सुप्रीम कोर्ट के जाने माने वकील अभिषेक सिंघवी ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि इस खुलासे के बाद ज्ञानेश कुमार को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने महाभियोग की भी मांग की।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा है, ‘सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और खतरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है’।

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने अखबार की रिपोर्ट को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने का अधिकार सिर्फ ईआरओ को है, फिर दिल्ली में बैठे लोग पूरे देश की वोटर लिस्ट कैसे बदल रहे हैं’? महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए कहा, ‘महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बैलट पेपर का उपयोग करके फिर से चुनाव होने चाहिए’।


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