नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिकी हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत और उसके बाद अमेरिका की ओर से दिए गए बयानों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भारत के सम्मान और नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि अमेरिकी हमलों में भारतीय नाविकों की मौत के कुछ ही दिनों बाद अमेरिका ने भारत को चेतावनी भरे संदेश दिए, लेकिन भारत सरकार की ओर से कोई कड़ा प्रतिवाद नहीं दिखा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ‘‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’’ (समझौतावादी प्रधानमंत्री) बताते हुए कहा कि एक स्वतंत्र देश ऐसी भाषा स्वीकार नहीं कर सकता।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री एक ‘‘आज्ञाकारी नौकर’’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं और देश के सम्मान की रक्षा करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो नेतृत्व बाहरी दबावों के आगे झुक जाता है, वह राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा नहीं कर सकता। राहुल गांधी ने ओमान के डुक्म बंदरगाह पर खड़े जहाज ‘एमटी सेलेस्टियल’ पर एक भारतीय नागरिक की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा और सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए जहाज पर मौजूद भारतीय अधिकारी के शव को जल्द भारत लाने की मांग की और कहा, “इस भारतीय को घर लाइए, अभी।”उल्लेखनीय है कि मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि ‘एमटी सेलेस्टियल’ पर सवार भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन का स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया। दूतावास के अनुसार उनका शव फिलहाल डुक्म बंदरगाह पर खड़े जहाज पर ही मौजूद है और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
राहुल गांधी की टिप्पणियों के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गरमा सकता है, क्योंकि विपक्ष विदेश नीति और विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
