मिस्र ने कुवैत और बहरीन पर कथित ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की

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मिस्र ने कुवैत और बहरीन को निशाना बनाए गए कथित ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। शनिवार को मिस्र ने इन हमलों को दोनों देशों की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व स्थिरता के लिए “खतरनाक उकसावे” की कार्रवाई बताया।

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि वह कुवैत और बहरीन के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और इस हमले का सामना करने के लिए उनके द्वारा उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश अपनी सुरक्षा, स्थिरता और महत्वपूर्ण ढांचागत परिसंपत्तियों की रक्षा के लिए जो भी कदम उठाएंगे, मिस्र उनका समर्थन करेगा।

बयान में आगे कहा गया कि अरब खाड़ी देशों की सुरक्षा और स्थिरता, अरब राष्ट्रीय सुरक्षा की एक बुनियादी आधारशिला है। मिस्र ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसे कार्य या नीति को पूरी तरह खारिज करता है जो किसी देश की संप्रभुता का उल्लंघन करे या उसकी क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा को खतरे में डाले।

मिस्र ने चेतावनी दी कि इस तरह की घटनाएं पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं और इससे तनाव और अधिक बढ़ सकता है।

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दरअसल, आईआरजीसी ने शनिवार सुबह दावा किया कि उसने यूएस सेंट्रल कमांड के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर हमला किया। इसके बाद सेंटकाम ने कहा कि उसने ईरान की ओर से बहरीन और कुवैत की ओर भेजी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर तबाह कर दिया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे लेकर एक बयान जारी किया। उनके अनुसार, 5 जून को ईरान ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की दिशा में चार एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन भेजे थे। अमेरिकी बलों ने इन सभी ड्रोन को मार गिराया। ये ड्रोन क्षेत्र में समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे।

ड्रोन हमलों के कुछ घंटों बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। शुरुआती आकलन के मुताबिक इनमें से छह मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया गया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रही। साथ ही, ईरान की ओर से किए गए उस दावे को भी खारिज कर दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुंचा है।

Pic Credit : ANI


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