वैभव सूर्यवंशी के टीम इंडिया में चयन से ताजपुर में जश्न

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बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव में शनिवार को खुशी का माहौल देखने को मिला, जब युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का पहली बार भारतीय टीम में चयन हुआ। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टी20 टीम के साथ-साथ जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय टीम में जगह मिली है।

मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में सचिव देवजीत सैकिया द्वारा जैसे ही वैभव के नाम की घोषणा की गई, ताजपुर गांव में उत्सव शुरू हो गया। गांव के लोग, रिश्तेदार और शुभचिंतक उनके घर पहुंचने लगे। लोगों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाए और पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार किया।

वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पूरा परिवार इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। उन्होंने कहा, “हम घर पर थे और किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही चयन की घोषणा हुई, पूरा गांव हमें बधाई देने पहुंच गया। मिठाइयां बांटी गईं और पटाखे फोड़े गए। हम बेहद खुश हैं। वैभव ने बचपन से देश के लिए खेलने का सपना देखा था और आज उसकी मेहनत रंग लाई है।

आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए वैभव ने 776 रन बनाए और 72 छक्के लगाए। इससे पहले वह 9 से 21 जून तक श्रीलंका में होने वाली इंडिया-ए की त्रिकोणीय वनडे सीरीज में हिस्सा लेंगे और उसके बाद सीनियर टीम से जुड़ेंगे।

अगर वैभव आयरलैंड या इंग्लैंड दौरे पर अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करते हैं, तो वह 16 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। इससे पहले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 16 साल 205 दिन की उम्र में टेस्ट और 16 साल 238 दिन की उम्र में वनडे डेब्यू किया था, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के सबसे युवा खिलाड़ी वॉशिंगटन सुंदर रहे हैं, जिन्होंने 18 साल 80 दिन की उम्र में पदार्पण किया था।

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संजीव सूर्यवंशी ने बताया कि उन्हें पहले से ही विश्वास था कि इस बार वैभव को भारतीय टीम में मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, अंडर-19 विश्व कप, इमर्जिंग एशिया कप और आईपीएल में उसके शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।

उन्होंने कहा, “बीसीसीआई चयनकर्ताओं ने वैभव पर भरोसा जताया है, इसके लिए हम उनके आभारी हैं। मुझे पहले से महसूस हो रहा था कि इस बार उसका चयन जरूर होगा।

वैभव के संघर्ष को याद करते हुए उनके पिता ने बताया कि उन्होंने पांच साल की उम्र से ही बेटे को क्रिकेट खिलाना शुरू कर दिया था। बाद में हर दूसरे दिन ताजपुर से पटना की जेन नेक्स्ट अकादमी तक करीब ढाई घंटे का सफर तय कर उसे अभ्यास के लिए ले जाते थे। वहीं उनकी मां आरती सिंह रोज सुबह तीन बजे उठकर बेटे के लिए घर का खाना तैयार करती थीं।

संजीव ने कहा, “हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए मेहनत करते हैं। हमने भी वैभव के लिए पूरी मेहनत की, लेकिन असली मेहनत उसी बच्चे ने की है। जब वह 8-10 साल का था, तभी महसूस हो गया था कि उसमें कुछ अलग बात है। आज उसका सपना पूरा हुआ है और हम बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं।

महज 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बनने वाले वैभव सूर्यवंशी अब भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनने के लिए तैयार हैं। उनके पिता ने भावुक होकर कहा, “बस आप सबका आशीर्वाद बना रहे; वह आगे भी देश का नाम रोशन करेगा।

Pic Credit : ANI


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