ईरान पर अमेरिका का पलटवार

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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे पर हमला किया है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड की ओर से कहा गया है कि ईरान के हमले के जवाब में उसने कार्रवाई की है। असल में ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला किया। कुवैत पर ईरान के इस हमले का चौतरफा विरोध हुआ है। गल्फ कोऑपरेशन से लेकर दूसरे कई देशों ने इसकी निंदा की है। हालांकि ईरान का कहना है कि अमेरिका की कार्रवाई के विरोध में क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का उसे अधिकार है।

बहरहाल, अमेरिका ने कहा कि उसने ईरान के गोरुक और केश्म आइलैंड पर रडार और ड्रोन कंट्रोल साइट्स को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से बताया गया कि यह कार्रवाई ईरान के हमले के जवाब में की गई। अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी एमक्यू1 ड्रोन को गिराया था। सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो ड्रोन को तबाह कर दिया।

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने यह भी दावा किया कि कुवैत में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर दागी गईं दो ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया। सेना ने कहा कि दोनों मिसाइलों को तुरंत इंटरसेप्ट कर लिया गया। उसने बताया कि ईरानी हमले में किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा।

दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने कहा कि उसने उस एयरबेस को निशाना बनाया, जिसका इस्तेमाल सीरिक आइलैंड के पास अमेरिकी ऑपरेशन में हुआ था। ईरान के रुख का बचाव करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान को उन क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का अधिकार है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच लागू सीजफायर में लेबनान भी शामिल है।

उधर सऊदी अरब ने कुवैत पर हुए ईरानी हमले की कड़ी निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि वह इस हमले को पूरी तरह खारिज करता है। मंत्रालय के अनुसार, यह कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के महासचिव जासिम मोहम्मद अल बुदैवी ने कुवैत पर हुए ईरानी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस घटना को ‘खतरनाक और गैर जिम्मेदाराना तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई’ बताया है।

इस बीच ‘ईरान इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस्तीफा दे दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पेजेशकियान ने आरोप लगाया कि देश की सत्ता पर अब पूरी तरह आईआरजीसी के कमांडरों का नियंत्रण है।


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