तमिलनाडु में 59 साल बाद सरकार में शामिल हुई कांग्रेस

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चेन्नई। तमिलनाडु में फिल्म स्टार विजय की मंत्रिमडल का गठन हो गया है। गुरुवार को 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले विजय ने नौ मंत्रियों के साथ शपथ ली थी। सारे मंत्री उनकी पार्टी टीवीके के थे। गुरुवार को हुई शपथ में कांग्रेस के दो विधायकों को मंत्री बनाया गया। 1967 में चुनाव हार कर सत्ता से बाहर होने के 59 साल बाद पहली बार कांग्रेस तमिलनाडु की सरकार का हिस्सा बनी है।

कांग्रेस विधायक दल के नेता राजेश कुमार एस और पी विश्वनाथ को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। गौरतलब है कि चार मई को आए नतीजों में कांग्रेस के पांच विधायक चुनाव जीते हैं। राजेश कुमार ने गुरुवार को शपथ के दौरान ‘कामराज अमर रहें’, ‘राजीव गांधी अमर रहें’ और ‘जननायक राहुल गांधी जिंदाबाद’ का नारा लगा दिया। हालांकि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें टोक दिया। और कहा कि यह आपकी शपथ का हिस्सा नहीं है।

कांग्रेस के अलावा सरकार को समर्थन देने वाली दो और छोटी पार्टियों इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वीसीके से भी एक एक मंत्री बनाए जाने की खबर थी। कहा जा रहा था कि दोनों पार्टियों ने नाम तय कर लिया है। लेकिन गुरुवार की सुबह शपथ तक दोनों के नाम राजभवन को नहीं भेजे गए। कहा जा रहा है कि दो मंत्रियों की शपथ बाद में होगी। तमिलनाडु में कुल 36 मंत्री बन सकते हैं। अभी मुख्यमंत्री सहित 33 मंत्री बने हैं।

बहरहाल, गुरुवार को मंत्रियों की शपथ के दौरान एक और विवाद तमिल गीत बजाने को लेकर भी हुआ। समारोह में तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ सबसे आखिर में बजाया गया। पिछली सरकारों में ये हमेशा पहले बजाया जाता था। शपथ समारोह की शुरुआत में सबसे पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और फिर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया गया। सबसे आखिर में तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ बजाया गया। इससे पहले 10 मई को विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ के दौरान भी यही क्रम अपनाया गया था, जिसके बाद विपक्ष और सहयोगी दलों ने नाराजगी जताई थी।


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