पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत

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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को उन्हें सशर्त अग्रिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने साफ किया है कि खेड़ा को जांच में पूरा सहयोग करना होगा और जब भी पुलिस उन्हें बुलाएगी, उन्हें संबंधित थाने में उपस्थित होना पड़ेगा। 

अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि पवन खेड़ा किसी भी तरह से सबूतों को प्रभावित या उनके साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। साथ ही, बिना सक्षम न्यायालय की अनुमति के वे देश से बाहर नहीं जा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को यह अधिकार भी दिया है कि वह जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त शर्तें लागू कर सकता है।

अपने आदेश में, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत पर विचार करते समय जिन दस्तावेजों और तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उनका मामले के अंतिम फैसले से कोई संबंध नहीं होगा। ट्रायल कोर्ट इन टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना कानून के अनुसार स्वतंत्र रूप से आगे की कार्रवाई करेगा।

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इस मामले में 30 अप्रैल को सुनवाई हुई थी। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसके बाद अब यह आदेश जारी किया गया है।

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई पासपोर्ट हैं और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं। इन आरोपों के बाद रिनिकी भुइयां सरमा ने पवन खेड़ा और अन्य के खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कराया।

गौरतलब है कि पवन खेड़ा ने 24 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत से इनकार किए जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इससे पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय ने उन्हें सात दिनों की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन असम पुलिस की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने इस राहत पर अंतरिम रोक लगा दी थी और उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने के लिए कहा था।

अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पवन खेड़ा को गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, लेकिन मामले की सुनवाई और जांच आगे जारी रहेगी।

Pic Credit : ANI


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