नई दिल्ली। अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी को खाली कराने और वहां समुद्र के अंदर बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। अमेरिका ने कहा है कि उसके माइनस्वीपर होर्मुज की खाड़ी में काम कर रहे हैं। एक दिन पहले ही अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज की खाड़ी में बारूदी सुरंग बिछाने वाली ईरान के स्पीड बोट्स को मार गिराने का आदेश दिया है। कहा जा रहा है कि होर्मुज की खाड़ी से बारूदी सुरंग हटाने में छह महीने का समय लग सकता है।
इस बीच होर्मुज की खाड़ी से बारूदी सुरंग हटाने के काम में दूसरे और देशों ने शामिल होने का ऐलान किया है। जर्मनी ने कहा है कि वह इसके लिए अंतरराष्ट्रीय मिशन में शामिल होगा। जर्मन रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, नौसेना का माइनस्वीपर जहाज ‘फुल्डा’ जल्दी ही मेडिटेरेनियन सागर में तैनात किया जाएगा। हालांकि, इस क्षेत्र में तैनाती तभी होगी जब ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध पूरी तरह खत्म हो जाएगा और जर्मन संसद से मंजूरी मिल जाएगी। जहाज पर करीब 45 लोगों की टीम तैनात रहेगी।
इससे पहले तुर्किए ने भी ऐसे मिशन में शामिल होने की इच्छा जताई है। तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने के बाद उनका देश होर्मुज की खाड़ी में बारूदी सुरंग हटाने के अभियान में शामिल हो सकता है। लंदन में उन्होंने कहा कि यह काम अलग अलग देशों की तकनीकी टीम मिलकर करेगी और तुर्किए को इसमें भाग लेने में कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर भविष्य में ऐसी कोई अंतरराष्ट्रीय टीम सीधे संघर्ष का हिस्सा बनती है, तो तुर्किए अपने रुख की फिर से समीक्षा करेगा।
इस बीच ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रही तो वह करारा जवाब देगा। ईरान के खातम अल अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा कि देश की सेना पहले से ज्यादा मजबूत और तैयार है और वह अपनी संप्रभुता, क्षेत्र और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है। सैन्य कमान ने कहा कि वह क्षेत्र में दुश्मनों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज की खाड़ी को नियंत्रित कर रहा है।
