नई दिल्ली। भारत और पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर है। ईरान ने होर्मुज की खाड़ी खोलने का ऐलान किया है। अब होर्मुज के रास्ते सैनिक जहाजों को छोड़ कर बाकी जहाज सुरक्षित आवागमन कर सकेंगे। ईरान ने कहा है कि जब तक अमेरिका के साथ युद्धविराम लागू है तब तक होर्मुज की खाड़ी खुली रहेगी। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके बताया कि सभी कॉमर्शियल जहाजों को गुजरने की इजाजत होगी।
उन्हेंने बताया कि होर्मुज की खाड़ी खोलने का फैसला लेबनान में सीजफायर के बाद किया गया है। अऱाघची ने बताया कि जहाज एक सुरक्षित रास्ते से गुजरेंगे, जिसे ईरान के पोर्ट्स और मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने पहले से तय कर रखा है, ताकि सफर के दौरान कोई खतरा न हो। अराघची ने कहा कि इस दौरान जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समुद्री व्यापार प्रभावित न हो।
ईरान की ओर होर्मुज की खाड़ी खोले जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान को शुक्रिया कहा। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही होर्मजु की खाड़ी खुल गई है लेकिन ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी और यह सिर्फ ईरान पर लागू होगी। गौरतलब है कि अमेरिका ने अरब सागर में नाकेबंदी लगा रखी है और होर्मुज के रास्ते आने वाले जहाजों की जांच कर रहा है।
बहरहाल, राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से यह भी कहा कि दोनों देश शांति समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह डील हो जाती है तो तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी और हालात सामान्य हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है तो वे पाकिस्तान भी जा सकते हैं।
दूसरी ओर ईरान की सरकार के हवाले से वहां की मीडिया ने ट्रंप के दावे को गलत बताया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हवाई किले बना रहे हैं। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पाकिस्तान की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि सीजफायर कराने में इस्लामाबाद ने अहम योगदान दिया। तेहरान में पाकिस्तानी सेना प्रमुख से मुलाकात के दौरान उन्होंने उनके और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रयासों की तारीफ की। पेजेशकियान ने इस्लामाबाद में हुई बातचीत के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करने पर पाकिस्तान का धन्यवाद भी किया।
