राज्यसभा में आमने-सामने कांग्रेस और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

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देश की राजनीति में गुरुवार का दिन एक दिलचस्प मोड़ लेकर आया, जब सत्ताधारी दल और मुख्य विपक्षी दल दोनों के ही राष्ट्रीय अध्यक्ष संसद के एक ही सदन में नजर आए। बता दें कि कांग्रेस व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यसभा सदस्य के रूप में मौजूद दिखे। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर अपने संसदीय सफर की औपचारिक शुरुआत की। वहीं, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पहले से ही राज्यसभा के सदस्य हैं। 

इस घटनाक्रम की खास बात यह है कि इससे पहले भी ऐसा संयोग बन चुका है, तब भाजपा के राज्यसभा सांसद व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पार्टी के अध्यक्ष थे। तब स्थिति यह थी कि जहां कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष थे, वहीं, भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष जेपी नड्डा नेता सदन थे। वर्तमान में भी जेपी नड्डा बतौर नेता सदन राज्यसभा में सक्रिय व महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, अब भाजपा के नए अध्यक्ष भी राज्यसभा सांसद बन गए हैं।

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इस तरह दोनों प्रमुख राष्ट्रीय दलों के शीर्ष नेतृत्व का राज्यसभा में होना, सदन की कार्यवाही को और अधिक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है। गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद नए सदस्यों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी, असम से प्रमोद बोरो और बिहार से उपेंद्र कुशवाहा आदि ने भी बारी-बारी से शपथ ली।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का यह बतौर राज्यसभा सांसद पहला कार्यकाल है। वे बिहार से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। उनके शपथ लेने के साथ ही संसद के उच्च सदन में भाजपा की रणनीतिक मौजूदगी और मजबूत हो गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा में शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी से महत्वपूर्ण विधायी मुद्दों पर सीधी बहस व रणनीतिक निर्णयों की गति और तेज हो सकती है। साथ ही, यह भी संकेत है कि आने वाले समय में संसद के उच्च सदन में राजनीतिक गतिविधियां और अधिक प्रभावशाली और केंद्रित रहने वाली हैं।

गौरतलब है कि विभिन्न दलों के कई वरिष्ठ नेता इस समय राज्यसभा के सदस्य हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के जेपी नड्डा, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, नेता विपक्ष व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एनसीपी(एसपी) प्रमुख शरद पवार जैसे नेता शामिल हैं।

शरद पवार समेत 19 लोगों ने कुछ दिन पहले ही राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली है। उनके साथ-साथ महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से चुनकर आए अन्य नेताओं ने राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ली थी। केंद्रीय मंत्री व महाराष्ट्र की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के नेता रामदास अठावले, एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता थंबीदुरई व डीएमके के वरिष्ठ तिरुची शिवा जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे। ये सभी नेता से फिर से राज्यसभा के सदस्य बने हैं।

Pic Credit : ANI


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