होर्मुज में नाकाबंदी से बढ़ा तनाव

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नई दिल्ली। होर्मुज की खाड़ी में एक तरफ ईरान ने नाकाबंदी की है तो दूसरी ओर अमेरिका ने भी नाकाबंदी की। इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। ईरान ने कहा है कि होर्मुज की खाड़ी से कोई भी जहाज उसकी मंजूरी के बगैर नहीं गुजर सकता है। दूसरी ओर अमेरिका ने कहा है कि अगर कोई जहाज ईरान को टोल देकर गुजरेगा तो अमेरिका उसे रोक देगा। दुनिया के देशों ने इस तनाव को कम करने की अपील की है।

इस बीच मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में ईरान होर्मुज की खाड़ी में मौजूद जहाजों पर मिसाइल दाग रहा है। इसके कैप्शन में लिखा है, ‘अभी तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है’। इसके साथ ईरान ने अपनी मिसाइल बोट्स की ताकत भी दिखाई। गौरतलब है कि अमेरिका ने एक दिन पहले सोमवार को होर्मुज की खाड़ी की नाकाबंदी शुरू की। इसके लिए उसने दो पनडुब्बी के साथ साथ कई डिस्ट्रॉयर और जंगी बेड़ा भी अरब सागर में तैनात किया है।

होर्मुज में तनाव को लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि दुनिया को ‘जंगल के कानून’ वाले हालत में नहीं जाने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियम सब पर बराबर लागू होने चाहिए, न कि अपनी सुविधा के हिसाब से। ब्रिटेन, फ्रांस और दूसरे अन्य देशों ने भी होर्मुज की खाड़ी को खोलने और जहाजों का सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने को कहा है।

खबर है कि फ्रांस और ब्रिटेन होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की सुरक्षा के लिए शुक्रवार को एक ऑनलाइन बैठक करेंगे। इसमें उन देशों को बुलाया गया है जो इसमें मदद करना चाहते हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इस बैठक की अगुवाई करेंगे। इसमें इस पर बात होगी कि हालात ठीक होने पर जहाजों को इस रास्ते से सुरक्षित कैसे निकाला जाए। दोनों देश पहले से ऐसी योजना बना रहे हैं, जिसमें तेल के टैंकर और बड़े जहाजों को सुरक्षा के साथ गुजरने में मदद दी जाएगी।

इस बीच मंगलवार को ईरान से जुड़ा एक और तेल टैंकर होर्मुज की खाड़ी से होकर खाड़ी देशों में पहुंचा है। इस टैंकर का नाम पीस गल्फ है और यह संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के हमरिया पोर्ट की तरफ जा रहा है। इससे पहले, अमेरिका के प्रतिबंध वाले दो और टैंकर भी इस रास्ते से गुजर चुके हैं। लेकिन ये तीनों जहाज ईरान नहीं जा रहे हैं, इसलिए इन पर अमेरिकी रोक का असर नहीं पड़ा।


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