अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के लिए वेंस पहुंचे पाकिस्तान, ईरानी डेलिगेशन में 71 लोग शामिल

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अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता को लेकर हलचल तेज हो गई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन को लेकर पाकिस्तान पहुंच गए हैं। वहीं ईरानी प्रतिनिधि भी अपने डेलिगेशन के लिए पहुंचे हुए हैं। 

अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस का स्वागत पाकिस्तान के मिलिट्री हेड असीम मुनीर, देश के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास की चार्ज डी’अफेयर्स नैटली बेकर ने किया।

अमेरिकी डेलिगेशन को वेंस, स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर लीड कर रहे हैं। तीनों शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचे।

सरकारी मीडिया तस्नीम ने शनिवार को बताया कि इस्लामाबाद में ईरान के डेलिगेशन में 71 लोग हैं। इनमें नेगोशिएटर, एक्सपर्ट, मीडिया रिप्रेजेंटेटिव और सिक्योरिटी वाले लोग शामिल हैं।

तस्नीम ने बताया कि ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ डेलिगेशन को लीड कर रहे हैं। इसमें विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भी शामिल हैं।

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यूरोपीय संघ की एक्सटर्नल एक्शन सर्विस (ईईएएस) ने इसमें शामिल सभी लोगों से ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का पूरी तरह सम्मान करने की अपील की है। इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि लेबनान में दुश्मनी को तुरंत खत्म करने की भी जरूरत है।

ईईएएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा है हम मिडिल ईस्ट में गहरी शांति के लिए सभी डिप्लोमैटिक कोशिशों में मदद करेंगे।

पाकिस्तान के सरकारी रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से पहले के सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया डॉन के अनुसार, अमेरिका-ईरान की वार्ता से पहले फेडरल कैपिटल ‘रेड अलर्ट’ पर थी। दोनों देशों के डेलिगेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 10,000 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा वाले तैनात किए गए।

एक दिन पहले डॉन ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मल्टी-टियर सिक्योरिटी अरेंजमेंट की देखरेख मिलिट्री करेगी। इसमें रेंजर्स जैसी पैरामिलिट्री फोर्स और इस्लामाबाद और पंजाब पुलिस मदद करेगी। इस्लामाबाद ट्रैफिक पुलिस और नेशनल हाईवे और मोटरवेज पुलिस को सड़कों पर तैनाती है।

कैपिटल पुलिस के करीब 6,000 लोग, फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी के 900 लोग, और पंजाब कॉन्स्टेबुलरी के 3,000 लोग, रेंजर्स और पाकिस्तान आर्मी के सैनिकों के साथ ड्यूटी करेंगे। करीब 1,000 ट्रैफिक पुलिस अधिकारी भी तैनात किए जा रहे हैं।

सेना और रेंजर्स रेड जोन और उच्च स्तरीय सुरक्षा जोन की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। क्विक रिस्पॉन्स फोर्स की टुकड़ियां भी अलग-अलग जगहों पर तैनाती है।

Pic Credit : ANI


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