ब्रेक के बाद फिर चलेगा बजट सत्र

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नई दिल्ली। बजट सत्र में एक और ब्रेक दिया गया है। आमतौर पर बजट सत्र में एक ब्रेक होता है। लेकिन इस बार 13 दिन का दूसरा ब्रेक दिया गया है, जो तीन अप्रैल से शुरू हो गया है। 16 से 18 अप्रैल के बीच फिर से संसद की कार्यवाही चलेगी और इन तीन दिनों में केंद्र सरकार महिला आरक्षण के लिए बनाए गए नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन करेगी। यह संभवतः पहला मौका होगा, जब कोई कानून लागू होने से पहले ही संसद में संशोधित किया जाएगा। सरकार परिसीमन के जरिए लोकसभा की सीटों की संख्या भी बढ़ाएगी और एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करेगी।

गौरतलब है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ था। राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट पेश होने के बाद पहला ब्रेक हुआ था। ब्रेक के बाद फिर नौ मार्च से कार्यवाही शुरू हुई थी और सत्र दो अप्रैल को समाप्त होना था। लेकिन दो अप्रैल को सत्र का सत्रावसान नहीं किया गया, बल्कि 13 दिन का ब्रेक दिया गया है। अब राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में 13 दिन के ब्रेक के बाद 16 अप्रैल को सुबह 11 बजे फिर से कार्यवाही शुरू होगी।

तीन दिन के इस सत्र में महिला आरक्षण के लिए बने नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन से जुड़े अहम बिल पर चर्चा की जाएगी और उसे पास किया जाएगा। सरकार लोकसभा सीटों की संख्या 543 से 50 फीसदी बढ़ा कर बढ़ा कर 816 करने के लिए एक संशोधन विधेयक लाने की योजना बना रही है। इसमें से एक तिहाई यानी 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। एससी और एसटी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों में भी 33 फीसदी आरक्षण लागू होगा। गौरतलब है कि सरकार ने नारी शक्ति वंदन कानून के तहत महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण को परिसीमन के साथ जोड़ दिया गया था और परिसीमन का मामला जनगणना से जुड़ा था।

अब सरकार संशोधन करके महिलाओं के लिए तय कोटे को परिसीमन प्रक्रिया से अलग करेगी। इसके अलावा, एक अलग परिसीमन बिल भी पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन लागू करेगी और अगले चुनाव से ही महिला आरक्षण कानून भी लागू किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सरकार दो बिल लाएगी। एक बिल के जरिए नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन होगा, जबकि दूसरा परिसीमन कानून में बदलाव से जुड़ा होगा।

चूंकि यह संविधान संशोधन विधेयकर होगा इसलिए इसे पास कराने के लिए संसद में दो तिहाई बहुमत जरूरी होगा। तभी सरकार विपक्ष का समर्थन जुटाने में लगी है। लोकसभा में जो फॉर्मूला लागू होगी उसी पर राज्यों की विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाने और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की योजना है, ताकि पूरे देश में एक जैसा ढांचा रहे। गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों इसे लेकर कई नेताओं से बात की है। हालांकि अभी तक कांग्रेस पार्टी से उनकी बात नहीं हुई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के जरूर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात करने की खबर आई थी।


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