नई दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के मारे जाने के विरोध में पूरी दुनिया में शिया समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से लेकर कराची और लाहौर में प्रदर्शन हुए तो भारत में जम्मू कश्मीर से लेकर भोपाल तक प्रदर्शन हुए। अमेरिका और ब्रिटेन में भी लोगों ने सड़कों पर उतर कर विरोध जताया। कई जगह अमेरिकी दूतावास निशाने पर रहे। पाकिस्तान के कई शहरों में उग्र भीड़ ने अमेरिकी और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन किया। पाकिस्तान ने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के निधन पर दुख जताया है और अमेरिकी हमले की निंदा की है।
कराची में इजराइल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में घुसने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों की फायरिंग में 12 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। कई युवक घायल भी हैं। लाहौर में भी अमेरिका के वाणिज्य दूतावास के बाहर उग्र प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि वाणिज्य दूतावास के अंदर से प्रदर्शनकारियों पर गोले दागे गए। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित बाल्टिस्तान इलाके में प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यालय में आग लगा दी।
भारत के कई हिस्सों में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं। कर्नाटक के चिक्कमगलूरु में ऑल इंडिया शिया काउंसिल के सदस्यों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के विरोध में अजमेर के शिया समुदाय ने तीन दिन का शोक मनाने की घोषणा की है। समुदाय के नेता सैयद आसिफ अली ने लोगों से अपील की कि वे इस दौरान मातम मनाएं और किसी भी तरह के जश्न या कार्यक्रम से दूर रहें। जम्मू कश्मीर में शिया समुदाय के लोगों ने एक बड़ा जुलूस निकाल कर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन किया। नई दिल्ली में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला तो लखनऊ में भी प्रदर्शन हुए।
