दबाव में हुई डील: राहुल

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भोपाल। राहुल गांधी ने एक बार फिर दोहराया है कि अमेरिका के साथ भारत का व्यापार समझौता दबाव में किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया और कहा कि वे एपस्टीन फाइल और अडानी की वजह से दबाव में हैं और उसी दबाव में उन्होंने देश बेचने का सौदा किया। राहुल ने बहुत बहुत स्पेशिफिक आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिना कैबिनेट से सलाह किए, राष्ट्रपति ट्रंप को फोन किया और कहा कि वे सौदे के लिए तैयार हैं। राहुल ने मंत्रियों के नाम लेकर कहा कि राजनाथ सिंह और शिवराज सिंह चौहान से बात किए बगैर मोदी ने अमेरिका के साथ सौदा किया।

गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार सौदे में किसानों के हितों से समझौता किए जाने के आरोप लगा कर कांग्रेस ने देश भर में किसान रैली का सिलसिला शुरू किया है। मंगलवार को भोपाल में कांग्रेस की पहली रैली थी। इसमें राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एपस्टीन और अडाणी के केस का दबाव है। इस वजह से उन्होंने हिंदुस्तान और किसानों का डेटा अमेरिका को बेच दिया।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस की पहली किसान चौपाल में राहुल ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, ‘हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। मैं चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर बात रखना चाहता था। मैंने लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की बात रखी थी, उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि जब चीनी घुसपैठ हुई थी तो उन्हें हिंदुस्तान की सरकार ने अकेला छोड़ दिया’।

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संधि में किसानों के हितों से समझौता करने के आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा, ‘सरकार ने अमेरिकी कंपनियों को भारत में सोया, कपास और भुट्टा बेचने की छूट देने की तैयारी कर ली है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा’। उन्होंने संसद के बजट सत्र के पहले चरण में आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री कंप्रोमाइज्ड हैं। इसे दोहराते हुए राहुल ने कहा, ‘अमेरिका से ट्रेड डील दबाव और धमकी के कारण किया गया। एपस्टीन फाइल और अडाणी से जुड़े मामलों की वजह से सरकार झुकी’।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि इस डील से भारत को कोई फायदा नहीं हुआ। भारत को ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा और हर साल अमेरिका से भारी मात्रा में सामान खरीदना पड़ेगा। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अगर अमेरिका से कपास और अन्य सामान सस्ते में आएंगे, तो भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री और स्थानीय उद्योग कमजोर हो जाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी रैली को संबोधित किया। खड़गे ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, ‘नरेंद्र मोदी, सरेंडर मोदी हैं। उन्होंने देश को बेच दिया। किसानों के साथ छल किया। मोदीजी रोज उठकर चाय पर बात करते थे, तो क्या देश को बेचने की बात करते थे। मोदीजी कांग्रेस शासन में पैदा हुए, उन्हें अपना नाम बदल लेना चाहिए’।


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