अमेरिका के साथ ‘पैक्स सिलिका’ समझौता

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नई दिल्ली। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का समापन हो गया। पांच दिन के इस सम्मेलन के आखिरी दिन शुक्रवार को भारत और अमेरिका ने ‘पैक्स सिलिका’ समझौते पर दस्तखत किए। अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे चिप के सेक्टर में 10 लाख नौकरियों के अवसर बनेंगे। करीब एक महीने पहले भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा था कि अमेरिका के नेतृत्व वाले इस समूह में शामिल होने के लिए भारत को आमंत्रित किया जाएगा। ‘पैक्स सिलिका’ दुनिया भर में प्रौद्योगिकी, खासतौर से सेमीकंडक्टर और एआई की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने और गैर मित्र देशों पर निर्भरता कम करने के मकसद से बनाया गया है।

एआई समिट के आखिरी दिन शुक्रवार को भारत के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी आर्थिक मामलों के उप मंत्री जैकब हेलबर्ग ने इस पर दस्तखथ किए। बाद में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब ‘पैक्स सिलिका’ का हिस्सा बन गया है, जिससे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने कहा, ‘भारत में पहले से ही 10 प्लांट्स पर काम चल रहा है। बहुत जल्दी देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट में चिप का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा’।

वैष्णव ने यह भी कहा कि भारतीय इंजीनियर अब देश में ही एडवांस ‘2-नैनोमीटर’ चिप डिजाइन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर उद्योग को आने वाले समय में करीब 10 लाख अतिरिक्त स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी और दुनिया की यह उम्मीद भारत से ही है। इस तरह भारत में इस सेक्टर में 10 लाख नौकरियों के अवसर बन सकते हैं। वैष्णव ने कहा, ‘देश के पास अब एक साफ दिशा और लक्ष्य है। हमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में ग्लोबल लीडरशिप लेनी है’।

एआई सम्मेलन में शामिल अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस ‘पैक्स सिलिका’ में भारत की एंट्री को रणनीतिक रूप से अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, ‘भारत के पास ऐसा टैलेंट है, जो किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकता है। भारत की इंजीनियरिंग गहराई इस गठबंधन के लिए बहुत जरूरी है’। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘बने रहिए। मुझे यकीन है कि सही समय पर यह मुलाकात जरूर होगी’।

भारत और अमेरिका के बीच हुए ‘पैक्स सिलिका’ समझौते के दौरान गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि इस समझौते का मकसद सुरक्षा और भरोसेमंद सप्लाई चेन सुनिश्चित करना है। साथ ही, इससे अहम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे। गौरतलब है कि एआई समिट में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के लगभग सारे टेक दिग्गज भारत आए थे।


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