नई दिल्ली। चीन के रोबो डॉग और कोरिया के ड्रोन को अपना बता कर एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में पेश करने का खुलासा होने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर निकाल दिया गया है। यूनिवर्सिटी की इस धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद पूरी दुनिया में भारत की बदनामी हुई है। चीन की मीडिया ने भारत का मजाक उड़ाया है। इससे पूरे सम्मेलन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा सरकार ने देश की इमेज खराब की है। कांग्रेस ने कहा, ‘चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है। यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है’।
इस विवाद के एक दिन बाद बुधवार को समिट के आयोजकों ने यूनिवर्सिटी की सफाई और माफी को ठुकरा कर उसे बाहर कर दिया। पहले यूनिवर्सिटी के पैवेलियन की बिजली काटी गई और फिर ताला लगाकर बैरिकेडिंग कर दी गई। गौरतलब है कि एक दिन पहले मंगलवार को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें यूनिवर्सिटी ने एक चाइनीज कंपनी के रोबोटिक डॉग को अपनी खुद की खोज बताया था। चीनी रोबो डॉग के साथ ही यूनिवर्सिटी ने कोरियन कंपनी के एक ड्रोन को भी अपना बताया था।
जो वीडियो वायरल हुआ उसमें यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह कह रही हैं कि इस रोबोटिक डॉग का नाम ‘ओरायन’ है। इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ ने तैयार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी एआई के क्षेत्र में साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। वीडियो सामने आने के बाद पता चला कि यह असल में चीनी कंपनी ‘यूनिट्री’ का ‘जीओ2’ मॉडल है, जो बाजार में करीब ढाई लाख रुपए में उपलब्ध है।
इस घटना के लिए गलगोटिया यूनिवर्सिटी माफी मांगी है। यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया कि उन्होंने कभी भी नहीं कहा है कि यह रोबो डॉग उनका प्रोडक्ट है। हालांकि इसके तुरंत बाद दूसरी वीडियो सामने आई, जिसमें यूनिवर्सटी की प्रोफेसर ने दो बार कहा कि इसे यूनिवर्सिटी में बनाया गया है। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने सफाई में कहा कि उनके स्टॉल पर मौजूद एक प्रतिनिधि को प्रोडक्ट के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी और उसे मीडिया से बात करने की इजाजत भी नहीं थी।
