नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे हफ्ते की शुरुआत जबरदस्त हंगामे के साथ हुई है। सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा शुरू हुई और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ऐसा भाषण दिया, जिस पर हंगामा मच गया। राहुल को बोलने से रोकने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों खड़े हुए। स्पीकर ओम बिरला ने भी नियमों का हवाला देकर रोकना चाहा लेकिन राहुल बोलते रहे। वे सदन के बाहर आकर भी बोले।
राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अभी तक छपी नहीं किताब के हवाले से कहा कि 2020 में चीन के टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रही थी। गौरतलब है कि जनरल नरवणे ने किताब में लिखा है कि सेना प्रमुख की कॉल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कुछ नहीं किया। ध्यान रहे किताब छपी नहीं है लेकिन उसके अंश एक पत्रिका में छपे हैं। राहुल ने उस पत्रिका में छपा अंश पढ़ कर सुनाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इस किताब में लिखा है कि तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल और तत्कालीन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत को घंटों तक फोन करते रहे लेकिन उनको कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुआ।
सोमवार को राहुल गांधी ने जैसे ही जनरल नरवणे की किताब का हवाला देकर कहा, ‘चार चीनी टैंक लद्दाख सीमा में पहुंच गए थे’ वैसे ही पहले राजनाथ सिंह ने और फिर अमित शाह ने उनको रोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। राहुल करीब 45 मिनट तक अपनी बात कहने की कोशिश करते रहे। लेकिन भाजपा सांसदों के हंगामे के बीच वे अपनी बात नहीं कह पाए।
इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर तीन बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राहुल ने बोलना शुरू किया। लेकिन हंगामे के चलते महज नौ मिनट बाद ही कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शाम चार बजे भी कार्यवाही शुरू होते ही फिर हंगामा हुआ और 11 मिनट बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। यह पहली बार हुआ जब देश के रक्षा मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष के भाषण में इतनी बार टोका। एक रिपोर्ट के मुताबिक राजनाथ सिंह ने 11 बार राहुल को टोका। अमित शाह ने भी कम से कम सात बार राहुल गांधी को भाषण देने से रोका।
गौरतलब है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने रिटायर होने के बाद ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम से किताब लिखी थी। इसका प्रकाशन पिछले तीन साल से रूका हुआ है। कुछ समय पहले उनसे पूछा गया था कि किताब क्यों नहीं छप रही है तो उन्होंने कहा था कि इस सवाल का जवाब वे खुद भी जानना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्रालय की आपत्तियों के कारण प्रकाशक ने उसका प्रकाशन रोक रखा है। संसद के कामकाज के नियम 349 के मुताबिक बिना छपी किताब का सदन में हवाला नहीं दिया जा सकता है। इसी आधार पर राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को बोलने से रोका। बताया जा रहा है कि जनरल नरवणे ने 2020 में भारत और चीन के बीच हुए टकराव और अग्निवीर योजना दोनों को लेकर इसमें बहुत कुछ लिखा है।
