मुंबई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में एक हफ्ते में दूसरी बार निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए डूब गए हैं। शुक्रवार को कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के 30 शेयरों के संवेदी सूचकांक में 770 अंक की भारी गिरावट हुई। इससे दो दिन पहले शेयर बाजार में एक हजार अंक से ज्यादा की गिरावट हुई थी और निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए थे। उधर मुद्रा बाजार की खबर है कि रुपए में गिरावट जारी है और एक डॉलर की कीमत 92 रुपए तक पहुंच गई है।
बहरहाल, शुक्रवार, 23 जनवरी को शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक 770 अंक की गिरावट के साथ 81,538 पर बंद हुआ है। वहीं निफ्टी में भी 241 अंक की गिरावट रही, ये 25,048 पर बंद हुआ। सूचकांक के 30 शेयरों में से 24 में गिरावट और सिर्फ छह में तेजी रही। निफ्टी के बैंकिंग, ऑटो मीडिया और मेटल शेयर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली रही।
बाजार के जानकारों का मानना है कि एक फरवरी को पेश होने वाले बजट तक शेयर बाजार में उतार चढ़ाव बना रहेगा। भारत के लिए चिंता की बात यह है कि वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच बीएसई में इतनी बड़ी गिरावट हुई है। इससे पहले जो गिरावट हुई थी वह ग्रीनलैंड पर ट्रंप के कब्जे की आशंका में हुई थी और तब पूरी दुनिया के बाजार गिरे थे। लेकिन शुक्रवार को सिर्फ भारत का बाजार गिरा। एशियाई बाजारों में कोरिया के कोस्पी और जापान के निक्केई में तेजी रही। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी ऊपर गया। अमेरिका में भी 22 जनवरी को डाउ जोन्स और नैस्डेक कंपोजिट दोनों में तेजी रही। फिर भी 23 जनवरी को भारतीय बाजार गिरा।
