शंकराचार्य की तबियत बिगड़ी

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प्रयागराज। माघ मेले में पांच दिन से अनशन पर बैठे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबियत बिगड़ गई है। ठंड की वजह से उनकी तबियत बिगड़ने की खबर है। बताया जा रहा है कि उनको हाई फीवर है। गौरतलब है कि वे रविवार को मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने से रोके जाने और शिष्यों के साथ पुलिस के मारपीट करने के बाद से अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने मौनी अमावस्या का स्नान नहीं किया और शुक्रवार को बसंत पंचमी का स्नान भी नहीं किया है।

राज्य के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक दिन पहले कहा था कि वे शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम अर्पित करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि वे अनशन समाप्त करें और स्नान करें। लेकिन मेला प्रशासन की ओर से उनसे माफी मांगने या उनको सम्मान के साथ स्नान कराने का कोई प्रयास नहीं हुआ है। इस बीच खबर है कि तीनों शंकराचार्यों ने अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया है और उनके साथ हुए बरताव की निंदा की है।

बहरहाल, शुक्रवार को बताया गया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को तेज बुखार है। शिष्यों ने बताया, वे सुबह 10 बजे वैनिटी वैन में चले गए। डॉक्टरों के कहने पर दवा खाई, आराम किया। बसंत पंचमी के चलते बड़ी संख्या में शिष्य शंकराचार्य का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे थे। हालांकि, जब उनको पता चला कि अविमुक्तेश्वरानंद वैनिटी वैन से बाहर नहीं आए तो वैन के बाहर भीड़ लग गई। करीब 5 घंटे बाद शंकराचार्य वैनिटी वैन से बाहर आए और पालकी पर बैठ गए हैं।

गौरतलब है कि मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी का स्नान संपन्न होने के बाद लोगों का माघ मेले से लौटना शुरू हो गया है। भीड़ कम हो गई है फिर भी मेला प्रशासन की ओर से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान कराने और उनका अनशन खत्म कराने का कोई प्रयास नहीं हुआ। प्रशासन ने उनको दो नोटिस भेजा था, जिसका उन्होंने जवाब दिया। उसके बाद प्रशासन की ओर से भी चुप्पी है। बताया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेले में मिट्टी के सवा लाख शिवलिंग स्थापित करने के लिए लेकर पहुंचे थे। हालांकि, मौनी अमावस्या को हुए विवाद के बाद वह स्थापित नहीं कर पाए हैं।

इस बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह शुक्रवार को माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने पहुंचे। संजय सिंह ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा, ‘जो आज तक अपनी डिग्री नहीं दिखा पाए वो शंकराचार्य का सबूत मांग रहे हैं। कितना अधर्म हो रहा है।


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