नई दिल्ली। एक तरफ शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ी गिरावट हुई और निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए डूब गए तो दूसरी ओर रुपए की कीमत ने एक और मनोवैज्ञानिक सीमा तोड़ दी है। डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत ने गिरने का एक और रिकॉर्ड बनाया है। मंगलवार के कारोबार में एक डॉलर की कीमत 91 रुपए से ज्यादा हो गई। मंगलवार के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 91.03 पर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ है।
माना जा रहा है कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और दुनिया भर में चल रहे भू राजनीतिक तनाव की वजह से रुपया में यह गिरावट देखी जा रही है। 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में दिख रहा है। दिसंबर 2025 में पहली बार डॉलर की कीमत 90 रुपए के स्तर के पार गई थी। अब महज 20 दिनों के भीतर यह 91 रुपए के स्तर को भी पार कर गया है। यह भी माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की नई टैरिफ नीति के कारण भी भारतीय मुद्रा की कीमत गिर रही है।
