मुंबई। पंचायत चुनावों के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले महायुति ने महाराष्ट्र के शहरी निकाय चुनावों में भी परचम लहराया है। एशिया के सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी सहित राज्य के 29 नगर निगमों के लिए हुए चुनाव में महायुति ने 23 निगमों में बड़ी बढ़त हासिल की है। हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने दावा किया है कि 25 शहरों में भाजपा गठबंधन का मेयर बनेगा। इनमें से दो शहरों में भाजपा की सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिव सेना का मेयर हो सकता है, जबकि एक शहर में अजित पवार की पार्टी का मेयर संभव है।
सबसे बड़ा झटका उद्धव ठाकरे की पार्टी को लगा है, जो बीएमसी में अपना 50 साल पुराना किला नहीं बचा पाई। करीब 50 साल बाद मुंबई में पहली बार शिव सेना का मेयर नहीं होगा। पहली बार भाजपा का मेयर बनेगा। बहरहाल, विपक्षी पार्टियों में कांग्रेस को सिर्फ एक लातूर नगर निगम में स्पष्ट बढ़त मिली है। कोल्हापुर में वह सबसे बड़ी पार्टी बनी है लेकिन मेयर बना पाना मुश्किल होगा। चंद्रपुर और परभणी में कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की पार्टी मिल कर बहुमत के करीब पहुंच गए हैं। वसई विरार में भाई ठाकुर की पार्टी वंचित विकास अघाड़ी ने बड़ी जीत हासिल की है। वहां उसका मेयर बनेगा। भिवंडी निजामपुर में कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी बहुमत के नजदीक पहुंच गए हैं। संभाजीनगर में ओवैसी की पार्टी एमआईएम ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि मालेगांव में वह किंगमेकर बनी है।
गौरतलब है कि गुरुवार को महाराष्ट्र के 29 शहरी निकायों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें करीब 53 फीसदी लोगों ने वोट डाले। शुक्रवार को वोटों की गिनती शुरू हुई, जो देर रात तक जारी रही। इस बार वोटों की गिनती अलग तरीके से हुई, जिससे नतीजे आने में देरी हुई। देर रात तक की गिनती के मुताबिक बीएमसी के अलावा नवी मुंबई, नागपुर, पुणे, ठाणे, पिंपरी चिंचवाड, कल्याण डोंबिवली, नासिक आदि शहरों में भाजपा गठबंधन ने निर्णायक बढ़त बनी ली।
पुणे, पिंपरी चिंचवाड़ और परभणी में परिवार का किला बचाने के लिए अजित पवार और शरद पवार की पार्टी ने एक साथ चुनाव लड़ा था लेकिन उनको कामयाबी नहीं मिल पाई। इन तीनों नगर निगमों में पवार परिवार को बड़ा झटका लगा है। गौरतलब है कि 29 शहरों के नगर निगम की कुल 2,869 सीटें हैं। इनमें से 68 उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए थे। बाकी सीटों पर चुनाव हुआ। देर रात तक के आंकड़ों के मुताबिक लगभग आधी यानी 14 सौ से ज्यादा सीटें अकेले भाजपा के खाते में गई थीं। उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना साढ़े तीन सौ से ज्यादा सीटों के साथ दूसरे स्थान पर थी। कांग्रेस को तीन सौ से कुछ ज्यादा सीटों पर बढ़त थी तो उद्धव ठाकरे की पार्टी 160 से ज्यादा सीटों पर आगे थी।
महाराष्ट्र के शहरी निकायों के चुनाव नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राज्य के लोगों ने एनडीए के जन समर्थक सुशासन के एजेंडे को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने लिखा, ‘अलग अलग नगर निगम चुनावों के नतीजे बताते हैं कि महाराष्ट्र के लोगों के साथ एनडीए का रिश्ता और मजबूत हुआ है। हमारा ट्रैक रिकॉर्ड और विकास का विजन लोगों को पसंद आया है। पूरे महाराष्ट्र के लोगों का मैं आभारी हूं’।
