ट्रंप ईरान पर हमले को तैयार

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नई दिल्ली। ईरान में अयातुल्ला अली खामेनाई शासन के खिलाफ तेज हो रहे प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों पर ईरानी की दमनकारी कार्रवाई के बीच अमेरिका ने ईरान पर हमले की तैयारी कर ली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की तैयारियों का जायजा लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के विकल्पों की ब्रीफिंग दी है। बताया जा रहा है कि अगर ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करती है तो ट्रंप सैन्य हस्तक्षेप पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने अभी अंतिम फैसला नहीं किया है।

इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ईरान आजादी की ओर देख रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका मदद के लिए तैयार है’। राष्ट्रपति ट्रंप के इस रुख से उत्साहित होकर ईरान के क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ईरान के लोगों से फिर सड़कों पर उतरने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति मदद के लिए तैयार हैं। पिछले 50 साल से अमेरिका में रह रहे रजा पहलवी ने यह भी कहा कि ईरान के शासन को सुरक्षाकर्मी नहीं मिल रहे हैं और सुरक्षा बलों के लोग अब सरकार की बात नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया था।

दूसरी ओर ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका या इजराइल ने ईरान पर हमला किया, तो दोनों को सख्ती से जवाब देंगे। गौरतलब है कि गुरुवार को प्रदर्शनकारियों के ऊपर ईरान के सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की थी। तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से खबर आई थी कि राजधानी तेहरान के छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि ढाई हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने रविवार को कहा कि अमेरिका और इजराइल ईरान में दंगे भड़काकर अराजकता और अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं। उन्होंने ईरानियों से दंगाइयों और आतंकवादियों से दूर रहने को कहा। पजशकियान ने कहा कि ईरान के अधिकारी प्रदर्शनकारियों की बात सुनेंगे। लेकिन दंगाइयों की नहीं, जो पूरे समाज को तबाह करने की कोशिश कर रहे हैं।

ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन की गूंज विदेशों तक चली गई है। ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भी ईरानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन हुए। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने ईरानी दूतावास का इस्लामी गणराज्य का झंडा हटा कर 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले इस्तेमाल होने वाला झंडा फहरा दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी ने शेर और सूरज के निशान वाला तिरंगा झंडा लगाया। यह झंडा कई मिनट तक दूतावास पर लगा रहा, जिसके बाद उसे हटा दिया गया। इसके बाद वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई।


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