ढाका। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले 20 दिन में पांच हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। पांचवीं हत्या एक हिंदू पत्रकार की है, जिन्हें जशोर जिले के मनीरामपुर में गोली मारी गई। राणा प्रताप नाम के हिंदू युवक की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गई। घटना सोमवार, पांच जनवरी की है। शाम करीब छह बजे कोपलिया बाजार इलाके में यह घटना हुई।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे। उन्होंने राणा प्रताप को उनकी बर्फ की फैक्टरी से बाहर बुलाया और बाजार में स्थित एक क्लिनिक के पास वाली गली में ले गए. वहां कुछ देर तक उनके बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद हमलावरों ने राणा के सिर को निशाना बनाकर कई राउंड गोलियां दागीं। हत्या की पुष्टि करते हुए मनोहरपुर यूनियन परिषद के अध्यक्ष अख्तर फारुक मिंटू ने बताया कि हमलावरों ने राणा को फैक्टरी से निकालकर गली के मुहाने पर ले जाकर मौत के घाट उतारा और फिर मनीरामपुर की ओर सड़क के रास्ते फरार हो गए।
जांच के लिए पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से सात गोलियों के खोल बरामद किए हैं, जिनसे साफ होता है कि हमलावरों ने जान लेने के इरादे से ही इतनी गोलियां मारीं। राणा प्रताप जिस अखबार में काम करते थे उसके समाचार संपादक अबुल कासिम ने कहा ने कहा कि राणा प्रताप कार्यवाहक संपादक थे। उन्होंने बताया कि एक समय उनके खिलाफ मामले दर्ज थे। लेकिन उन्हें सभी मामलों में बरी कर दिया गया था। कासिम ने कहा कि वे यह नहीं कह सकते कि इस हत्या का कारण क्या था।
बहरहाल, बांग्लादेश में 20 दिन के भीतर पांच हिंदुओं की हत्या हो गई है। सबसे पहले 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की बेहद बर्बर तरीके से हत्या हुई। उसके बाद 24 दिसंबर को भीड़ ने 29 साल के अमृत मंडल उर्फ सम्राट की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। 29 दिसंबर को मैमनसिंह जिले में एक कपड़ा फैक्टरी के 42 साल के कर्मचारी बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके बाद कारोबारी खोकन दास को जला दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई और अब राणा प्रताप की गोली मार कर हत्या कर दी गई।
