नई दिल्ली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के बयान पर विवाद शुरू हो गया है। ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है और ऐसा इसलिए किया है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनको खुश करना चाहते थे। उनके साथ मौजूद अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी भारत के रूस से तेल खरीदने पर बयान दिया और कहा कि अमेरिका में भारत के राजदूत ने उनसे टैरिफ घटवाने का अनुरोध किया था।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करके अमेरिका लाए जाने के एक दिन बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के रूस से तेल आयात कम करने को लेकर बयान दिया। ट्रंप ने कहा है कि भारत ने यह फैसला उन्हें खुश करने के लिए लिया। उन्होंने मीडिया से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कहा, ‘वे मुझे खुश करना चाहते थे। प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। वह जानते थे कि मैं खुश नहीं था, इसलिए मुझे खुश करना जरूरी था। हम व्यापार करते हैं और उन पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं’। गौरतलब है कि ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया है।
बहरहाल, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मौजूद अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा है कि वे करीब एक महीने पहले भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा के घर गए थे। उस मुलाकात में सबसे ज्यादा चर्चा भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद कम करने को लेकर हुई थी। उन्होंने बताया कि भारतीय राजदूत ने उनसे राष्ट्रपति ट्रंप तक यह संदेश पहुंचाने को कहा था कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ हटाया जाए। लिंडसे ग्राहम के मुताबिक, भारत अब पहले के मुकाबले रूस से काफी कम मात्रा में तेल खरीद रहा है। इस मुद्दे को बातचीत में प्रमुख रूप से उठाया गया।
