नई दिल्ली। अब तक वेनेजुएला का तेल के जहाजों पर कब्जा कर रहे अमेरिका ने सीधे वेनेजुएला के ऊपर हमला कर दिया। अमेरिका की एलीट डेल्टा फोर्स ने अमेरिकी समय के मुताबिक शुक्रवार की रात दो बजे और भारतीय समय के मुताबिक शनिवार की सुबह साढ़े 11 बजे वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित चार शहरों पर हमला किया। काराकास से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किया गया। बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि मादुरो को पकड़ लिया गया है। उन्होंने डेल्टा फोर्स की इस कार्रवाई को एक शानदार ऑपरेशन कहा। उन्होंने यह भी कहा है कि वेनेजुएला का अगला नेता अमेरिका तय करेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया अब अमेरिकी सैनिकों के कब्जे में हैं। उन्हें वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है। बाद में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि मादुरो को अमेरिका के युद्धपोत पर रखा गया है और न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन पर मुकदमा चलेगा। बहरहाल, अमेरिकी फौज ने वेनेजुएला के चार शहरों पर हमले किए थे। इस दौरान अमेरिकी सैनिकों ने सैन्य ठिकानों और खास जगहों को निशाना बनाया। अमेरिकी मीडिया की खबरों के मुताबिक वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी सेना ने उनके बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला और उन्हें अपने कब्जे में लिया।
एक अमेरिकी अधिकारी ने स्पेशल डेल्टा फोर्स के इस ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं हुआ। गिरफ्तारी से पहले अमेरिकी हमले को लेकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने बयान जारी कर कहा था कि वे जवाब देंगे। उन्होंने देश भर में इमरजेंसी लगाने का ऐलान किया था। उनके बयान जारी करने के एक घंटे बाद ट्रंप ने उन्हें पकड़ने का ऐलान किया। वेनेजुएला पर हमले के बाद वहां के नेताओं ने तीखे बयान जारी किए हैं।
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने सरकारी टीवी चैनल पर बोलते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के जीवित होने के प्रमाण और उनके ठिकाने की जानकारी देने की मांग की। मादुरो के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रिनो लोपेज ने कहा कि वेनेजुएला विदेशी सैनिकों की मौजूदगी का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यह आक्रमण देश के लिए अब तक का सबसे बड़ा अपमान है। लोपेज ने देश भर में सेना की बड़े पैमाने पर तैनाती के आदेश दिए हैं। वेनेजुएला के गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने लोगों से सरकार और नेतृत्व पर भरोसा करने को कहा। काबेलो ने कहा, ‘कोई भी हिम्मत न हारे। कोई भी ऐसा काम न करे जिससे देश पर हमला करने वाले दुश्मन को फायदा मिले’।
अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला की सरकार अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रही थी और वहां से अमेरिका के खिलाफ साजिशें हो रही थीं। इसके अलावा अमेरिकी प्रशासन ने बार बार यह भी दावा किया कि वेनेजुएला में लोकतंत्र खत्म हो चुका है और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा था। अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर अवैध गतिविधियों और हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप भी लगाए थे। गौरतलब है कि अमेरिका दुनिया में सबसे अधिक तेल भंडार वाला देश है।
