नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष समाप्त कराने में मध्यस्थता करने के चीन के दावे पर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस पार्टी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि वे इस मामले को स्पष्ट करें। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी बेहद चिंताजनक है और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘चार जुलाई को सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत वास्तव में चीन का सामना कर रहा था। अगर चीन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के साथ खड़ा था, तब उसका भारत व पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा बेहद चिंताजनक है। ऐसे बयान हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का मजाक उड़ाने जैसे लगते हैं’।
जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि 10 मई को ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए उन्होंने निजी तौर पर दखल दिया था। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अलग अलग मंचों और कम से कम सात देशों में 65 बार यह बात कही, लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने मित्र के इन दावों पर आज तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। रमेश ने कहा चीन के नए दावे को भारत और चीन संबंधों के संदर्भ में भी देखना जरूरी है। भारत ने चीन से दोबारा बातचीत तो शुरू की है, लेकिन यह बातचीत चीनी शर्तों पर होती दिख रही है।
कांग्रेस महासचिव ने चीन के दावे को लेकर कहा कि 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा चीन को दी गई ‘क्लीन चिट’ से भारत की बातचीत की स्थिति कमजोर हुई। देश का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर है और हमारे निर्यात का बड़ा हिस्सा चीन से आयात पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की उकसाने वाली गतिविधियां भी लगातार जारी हैं। ऐसे असंतुलित और शत्रुतापूर्ण हालात में, देश की जनता को यह साफ-साफ बताया जाना चाहिए कि ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकने में चीन की क्या भूमिका थी।
