नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आमतौर पर घरों में खांसी, सर्दी, जुकाम और बुखार में इस्तेमाल होने वाली निमोस्लाइड दवा की एक सौ एमजी से ऊपर की डोज बनाने और बेचने पर पाबंदी लगा दी है। इसकी सौ एमजी से ऊपर की ओरल दवाओं यानी खाने वाली दवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि निमोस्लाइड एक नॉन स्टेरॉइडल एंटी इंफ्लेमेटरी दवा है। जो दर्द तो कम करती है, लेकिन इसकी ज्यादा डोज से लिवर खराब होने का खतरा रहता है।
सरकार की ओर से साफ किया गया है कि सिर्फ सौ एमजी से ऊपर की दवाओं पर रोक लगाई गई है और उससे कम डोज की दवाएं पहले की तरह बिकती रहेंगी। बहरहाल, सरकार ने कंपनियों को तत्काल इस दवा का निर्माण रोकने को कहा है और साथ ही यह भी कहा है कि जो दवा पहले से बाजार में उपलब्ध है उसे वापस मंगाया जाए। यह नियम 29 दिसंबर से लागू हो गया है। बताया जा रहा है कि सौ एमजी से ऊपर के डोज से लिवर को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है और इसके सुरक्षित विकल्प बाजार में मौजूद हैं।
