नई दिल्ली। बांग्लादेश के आम चुनावों से पहले देश के हलात बिगड़ने लगे हैं। पूरे देश में दो दिन से हिंसा भड़की है, जिसमें एक हिंदू युवक की हत्या कर दी गई है। ढाका से सटे भुलना में दीपू चंद्र दास नाम के युवक को पीट पीट कर मार डाला गया। उसके शव को निर्वस्त्र करके पेड़ से लटका कर आग लगा दी गई। उधर खुलना में एक पत्रकार की गोली मार कर हत्या कर दी गई। इस गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हुआ है। उपद्रवियों ने देश के सबसे बड़े अखबार के कार्यालय में आग लगा कर उसे पूरी तरह से जला दिया। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के घर और उनकी पार्टी के कार्यालय को भी जला दिया गया है।
इस उपद्रव, हिंसा, आगजनी, गोलीबारी के बाद बांग्लादेश के अंतरिम प्रशासक मोहम्मद यूनुस ने शुक्रवार को सामने आए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने भीड़ द्वारा की गई हिंसा की निंदा की और अल्पसंख्यक हिंदुओं और पत्रकारों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराने का भरोसा दिया। हालांकि उनकी बातों का कोई खास मतलब नहीं है क्योंकि उपद्रवी किसी की बात नहीं सुन रहे हैं।
असल में इस हिंसा की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के विरोधी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हुई है। उस्मान हादी शेख हसीना के खिलाफ जुलाई 2024 में हुए छात्र आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक था। उसे 12 दिसंबर को चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारी गई थी। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे सिंगापुर ले जाया गया था। छह दिन बाद गुरुवार रात उसकी मौत हो गई। उस्मान हादी का शव शुक्रवार को ढाका पहुंचा और शनिवार को राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की समाधि के पास दफनाया जाएगा। ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन की मुक्ति संग्राम और लोकतांत्रिक आंदोलन सचिव फातिमा तसनीम जुमा ने दी है।
इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार देर रात देश के सबसे बड़े अखबार ‘डेली स्टार’ और ‘प्रोथोम आलो‘ के ऑफिस में जबरन घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की। अखबार का पूरा कार्यालय जल कर नष्ट हो गया। अखबार में काम करने वाले कर्मचारी और पत्रकार तीन घंटे तक वहां फंसे रहे। उन्हें बड़ी मुश्किल से निकाला गया। उपद्रवियों ने पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबुर्रहमान के आवास में भी तोड़फोड़ की गई है और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के ऑफिस को भी जला दिया गया है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हिंसा और पत्रकारों पर हमलों की कड़ी निंदा की है। सरकार ने कहा कि वह हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की हर घटना की साफ और बिना किसी शर्त के निंदा करती है। मोहम्मद यूनुस ने कहा कि ‘नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है’। उन्होंने कहा कि इस अपराध में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
