शाह और राहुल में तल्ख बहस

Categorized as समाचार

नई दिल्ली। चुनाव सुधारों पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देने के क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बहस हो गई। बहस के दौरान अमित शाह बहुत तेज आवाज में कहा कि वे कब और कैसे बोलेंगे यह वे खुद तय करेंगे कोई और नहीं तय करेगा। शाह ने राहुल के उठाए सवालों का जवाब दिया लेकिन राहुल इससे संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने संसद परिसर में मीडिया से कहा कि शाह ने उनके सवालों का जवाब नहीं दिया।

इससे पहले सदन में अमित शाह ने कहा, ‘विपक्ष के नेता की तीनों प्रेस कॉन्फ्रेंस का जवाब दूंगा। एक सादी वाली, एक एटम बम वाली और एक हाइड्रोजन बम वाली। हर सवाल का जवाब दूंगा’। इस पर राहुल गांधी ने उन्हें टोकते हुए कहा, ‘शाह जी मैं आपको चैलेंज करता हूं। आप मेरी वोट चोरी की तीनों प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चर्चां करें’। इस पर अमित शाह नाराज हो गए और तेज आवाज में उन्होंने कहा, ‘30 साल से संसद या विधानसभा में चुनकर आ रहा हूं। ऐसा कभी नहीं हुआ। मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा। आप नहीं’।

इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह की रिस्पांस डरा हुआ, घबराया हुआ है। हालांकि इसके बाद अमित शाह शांत हो गए और उन्होंने कहा, ‘मैं उनके उकसावे पर नहीं आऊंगा। विषय पर बोलूंगा। मेरे भाषण में पहले, बाद में जो बोलना है मैं तय करूंगा। हमने तो नहीं कहा कि नेता विपक्ष झूठा बोल रहे हैं’।

सदन से बाहर निकल कर राहुल गांधी ने शाह पर निशाना साधते हुए मीडिया से कहा, ‘उन्होंने हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया। उनका जवाब पूरी तरह रक्षात्मक था। मैंने कहा था कि एक पारदर्शी वोटर लिस्ट दी जानी चाहिए, लेकिन उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा। मैंने कहा था कि ईवीएम की आर्किटेक्चर सभी के सामने रखी जाए, लेकिन इस पर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा’। राहुल ने कहा, ‘मैंने कहा कि बीजेपी नेता हरियाणा और बिहार में वोट डाल रहे हैं, लेकिन उन्होंने इस पर भी कुछ नहीं कहा। उन्होंने चीफ जस्टिस के बारे में भी कुछ नहीं कहा। चुनाव आयुक्त को पूरी इम्युनिटी दी जाती है। हम डरे नहीं हैं’।


Previous News Next News

More News

विपक्ष कैसे रोक देता है सरकार को?

April 23, 2026

सरकार अपने जिस एजेंडे को लागू करने में किसी भी कारण से विफल हो जाती है उसके बारे में कहा जाता है कि विपक्ष ने और खास कर कांग्रेस ने नहीं करने दिया। दूसरी प्रादेशिक पार्टियों पर भी ठीकरा फोड़ा जाता है। हैरानी की बात है कि सरकार इतनी शक्तिशाली है, जिसने तमाम विवादित मुद्दों…

बिहार में कांग्रेस की मुश्किल

April 23, 2026

बिहार में कांग्रेस पार्टी के छह विधायक जीते थे। चुनाव नतीजों के कुछ दिन बाद राहुल गांधी ने सभी विधायकों को दिल्ली बुला कर एक बैठक की थी और कहा गया था कि जल्दी ही विधायक दल का नेता चुना जाएगा। लेकिन पांच महीने बाद भी कांग्रेस ने विधायक दल का नेता नहीं चुना है।…

ममता को बाहरी वोट की चिंता क्यों?

April 23, 2026

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी इस बार परेशान बताई जा रही हैं। लेकिन कोलकाता के जानकार लोगों के कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। हर चुनाव में वे परेशान होती हैं लेकिन अंत में जीत उनकी होती है। अब पता नहीं चार मई को नतीजा क्या…

स्टालिन को सहयोगियों से मदद नहीं

April 23, 2026

तमिलनाडु में एमके स्टालिन और उनकी पार्टी डीएमके सबसे ज्यादा भरोसे में है। पार्टी जीत के प्रति आश्वस्त है। लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि को यह अंदाजा है कि इस बार पहले जितनी सीटें नहीं आ रही हैं। पिछली बार डीएमके ने 133 सीट अकेले जीती थी। उसने…

चेतना संचार और पतितपावनी गंगा

April 23, 2026

वैशाख शुक्ल सप्तमी, जिसे गंगा सप्तमी या जह्नु सप्तमी कहा जाता है, गंगा के दूसरे जन्म का प्रतीक पर्व है। कथा के अनुसार जब गंगा ने ऋषि जह्नु के यज्ञ स्थल को जलमग्न कर दिया, तो उन्होंने क्रोध में गंगा को पी लिया और बाद में अपने कान से उन्हें पुनः बाहर निकाला। यह प्रसंग…

logo