नई दिल्ली। वंदे मातरम् के डेढ़ सौ साल पूरे होने के मौके पर मंगलवार को राज्यसभा में चर्चा हुई, जिसमें कांग्रेस की ओर से सदन में प्रतिपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने हिस्सा लिया। खड़गे ने सवाल उठाया कि सत्ता पक्ष की ओर से सिर्फ नेहरू को निशाना क्यों बनाया जा रहा है, जबकि वंदे मातरम् के अंतरे कम करने का फैसला उस समय कांग्रेस की कार्यकारिणी ने किया था।
खड़गे ने कहा, नेहरू जी, महात्मा गांधी, मौलाना आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, गोविंद वल्लभ पंत सहित कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें सिफारिश की गई थी कि राष्ट्रीय समारोहों में जहां भी वंदे मातरम् गाया जाता है, केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाने चाहिए’। इसके बाद उन्होंने सवाल पूछा, ‘क्या कांग्रेस कार्यसमिति में नेहरू जी अकेले थे? आप उन सभी बड़े नेताओं का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने सामूहिक फैसला लिया था। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नेहरू जी को क्यों निशाना बनाते हैं’?
खड़गे ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, ‘गृह मंत्री के बोलने के बाद मुझे समय दिया, सभापति का इसके लिए धन्यवाद। मैं सौभाग्यशाली हूं। मैं 60 सालों से यही गाना गा रहा हूं। वंदे मातरम् नहीं गाने वालों ने अभी शुरूआत की है’।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने बाद में रुपए की गिरती कीमत का मुद्दा भी उठाया और कहा, ‘रुपए के गिरते स्तर पर मोदी ने 2012 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा था कि देश जानना चाहता है कि ऐसा क्या कारण है कि सिर्फ भारत का रुपया डॉलर के मुकाबले गिरता ही चला गया, गिरता ही चला गया। ये सिर्फ आर्थिक कारणों से नहीं हुआ। ये आपकी भष्ट्र राजनीति के कारण हुआ’।
