नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी वार्ताकारों की एक टीम अगले हफ्ते भारत आ रही है। अमेरिका के मुख्य वार्ताकार ब्रैंडेन लिंच भारत के दौरे पर आ रहे हैं और उनके साथ यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव रिक स्विट्जर भी भारत आ रहे हैं। ये दोनों अगले हफ्ते भारत की ओर से वार्ता का नेतृत्व कर रहे वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल से मुलाकात करेंगे।
इस मुलाकात में व्यापार वार्ता आगे बढ़ने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि अगले महीने यानी जनवरी के अंत तक दोनों देशों के बीच व्यापार संधि पर दस्तखत हो सकते हैं। इस लिहाज से अमेरिकी अधिकारियों की यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ये सभी अधिकारी भारत और अमेरिका समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के लिए काम कर रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों की यह यात्रा रूसी कच्चा तेल खरीदने की वजह से भारत पर 25 फीसदी टैरिफ के ऊपर अतिरिक्त 25 फीसदी जुर्माना लगाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद दूसरी यात्रा होगी। इससे पहले टीम ने 16 सितंबर को दौरा किया था। 22 सितंबर को वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी व्यापार वार्ता के लिए एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए अमेरिका का दौरा किया। उनके साथ मंत्रालय में तत्कालीन विशेष सचिव राजेश अग्रवाल और अन्य अधिकारी भी थे। अग्रवाल अब भारत के वाणिज्य सचिव हैं।
समझौते के पहले चरण को लेकर अब तक छह दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं। इस समझौते का मकसद दोपक्षीय व्यापार को मौजूदा दो सौ अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक पांच सौ अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। हालांकि कृषि और डेयरी उत्पादों की वजह से वार्ता में समस्या आ रही है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपना कृषि और डेयरी का बाजार भी अमेरिकी उत्पादों के लिए खोले।
