पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजधानी पटना में करीब तीन किलोमीटर लंबा शो किया। रोडशो में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए। उनकी जगह जनका दल यू की ओर से केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शामिल हुए। रोडशो के दौरान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद, प्रदेश सरकार के मंत्री नितिन नवीन आदि प्रधानमंत्री के साथ खुली गाड़ी में मौजूद थे।
दानापुर से चुनाव लड़ रहे रामकृपाल यादव और दीघा सीट के उम्मीदवार संजीव चौरसिया भी खुली गाड़ी पर मौजूद थे। प्रधानमंत्री हाथ में पार्टी का चुनाव चिन्ह कमल का फूल लेकर हाथ जोड़ कर अभिवादन करते रहे। कुछ लोगों ने घर की छत से प्रधानमंत्री की आरती उतारी। प्रधानमंत्री की गाड़ी में पटना की छह विधानसभा सीटों पटना साहिब, कुम्हरार, दानापुर, दीघा, बांकीपुर और फुलवारी के प्रत्याशी एक एक कर उनके साथ रथ पर सवार हुए। इस रोड शो के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने पटना की 14 विधानसभा को साधने की कोशिश की है। उन्होंने कदमकुआं के दिनकर चौक से रोड शो की शुरुआत की। रोड शो उद्योग भवन तक चला।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को भोजपुर और नवादा में जनसभा की। इस दौरान कांग्रेस और राजद उनके निशाने पर रहे। प्रधानमंत्री ने जंगलराज की याद दिलाई, साथ ही दावा किया कि कांग्रेस और राजद में रिश्ते खराब हो चुके हैं और चुनाव बाद एक दूसरे का सिर फोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि राजद ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा लगा कर अपने को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित कराया।
प्रधानमंत्री ने नवादा की सभा में कहा, ‘जंगलराज वाले, कांग्रेस वाले आपके हक का सारा पैसा लूट कर अपनी तिजोरी भरते हैं। ये मैं नहीं कह रहा, कांग्रेस के पीएम ने कहा था कि अगर मैं एक रुपए भेजता हूं, तो वो लाभार्थी के पास पहुंचते पहुंचते 15 पैसा हो जाता है। ये कौन सा पंजा था, जो पैसे खा जाता था’। उन्होंने कहा, ‘जंगलराज ने नवादा में नरसंहार का दाग लगाया था। हालत ये थी कि किसी कर्मचारी का वेतन बढ़ता था तो वो परेशान हो जाता था। क्योंकि ज्यादा वेतन का मतलब था ज्यादा रंगदारी देना’।
