नई दिल्ली। दिल्ली में आमतौर पर दिवाली की रात से प्रदूषण बढ़ता है और हवा की गुणवत्ता खराब होती है। लेकिन इस बार दिवाली से तीन दिन पहले ही हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है और शनिवार को राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई साढ़े तीन सौ से ऊपर पहुंच गया। एक दिन पहले शुक्रवार को एक्यूआई दो सौ से ऊपर जाने के बाद सरकार ने ग्रैप के पहले चरण की पाबंदियां लगा दी थीं लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और शनिवार को एक्यूआई बेहद खराब की श्रेणी की में पहुंच गई। हालांकि शनिवार को ग्रैप का दूसरा चऱण नहीं लागू किया गया है।
शनिवार को राजधानी के कई इलाकों में एक्यूआई साढ़े तीन से पार हो गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शनिवार सुबह आठ बजे एक्यूआई 367 दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा एक्यूआई 370 आनंद विहार में रहा, वजीरपुर में 328, जहांगीरपुरी में 324 और अक्षरधाम में 369 रहा। दिल्ली और पूरे राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग, सीएक्यूएम ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप का पहला चऱण लागू कर दिया है।
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली में क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। सिरसा ने कहा चुनिंदा इलाकों में दिवाली के एक दिन बाद कृत्रिम बारिश कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग अगले दो से तीन दिन में जब हरी झंडी देगा तो कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली में प्रदूषण मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की वजह से बढ़ता है। इसे रोकने के लिए कानून बनाया गया है फिर भी सुधार नहीं हो रहा है।
