यथार्थ से टकराती कथाएं

Categorized as संपादकीय

हकीकत से कटे नैरेटिव्स का अपना जीवनकाल होता है। जब उनका सामना विपरीत होते जमीनी हालात से होता है, तो उनमें दरारें पड़ने लगती हैं। ज़ेन-ज़ी का तेवर उन्हीं हालात का नतीजा है।

भारत का राजनीतिक विमर्श काफी पहले शालीनता की हदें तोड़ चुका है, इसलिए इसमें नए अपशब्दों के जुड़ने पर शायद ही किसी को एतराज होता है। तीखे ध्रुवीकरण की मौजूदा सूरत में किसी नेता की टिप्पणियों को गरिमा-विहीन या मर्यादा के खिलाफ बता कर उसे घेरने की रणनीति का विरोधी खेमों पर अब कोई असर नहीं होता। कई वर्षों तक इस नई स्थिति का लाभ भाजपा ने उठाया। भाजपा नेताओं को लेकर कुछ हलकों से तब भी ऐसे शब्द बोले जाते थे, लेकिन तब कथानक पर भाजपा इकॉ-सिस्टम का इतना दबदबा था, वे शब्द बोलने वाले को ही भारी पड़ जाते थे। लेकिन यह बदले माहौल का ही संकेत है कि ऐसे लफ्ज़ अब जनमत के एक बड़े हिस्से में नया राजनीतिक कथानक गढ़ने का काम करने लगे हैं।

भाजपा काफी समय तक विपक्षी नेताओं को प्रहसन-पात्र के रूप में पेश सियासी फायदे उठाती रही, मगर अब सोशल मीडिया- खासकर रील्स के इस्तेमाल से वैसी ही छवि उनके शीर्ष नेताओं को पेश की जा रही है, जिसे एक बड़ा श्रोता वर्ग मिल रहा है। बेशक, यह स्थिति लाने में ज़ेन-ज़ी के आंदोलनों ने बड़ी भूमिका निभाई है। भाजपा के सामने सवाल खड़ा है कि कहानी ऐसे क्यों पलटने लगी है? वे आत्म-मंथन करें, तो शायद उन्हें आभास होगा कि यथार्थ से कटे कथानकों का अपना जीवनकाल होता है। जब उनका सामना विपरीत होते जमीनी हालात से होता है, तो उनमें दरारें पड़ने लगती हैं।

ज़ेन-ज़ी का तेवर उन्हीं हालात का नतीजा है। हिंदुत्व की पहचान के साथ ‘विश्व गुरु’ की हैसियत दिलाने के वादों से वह छली गई महसूस कर रही है, तो उसकी वजहें हैं। ये पीढ़ी ‘मेक इन इंडिया’, ‘नया भारत’, ‘देश बदल रहा है’, ‘अमृत काल’, ‘विकसित भारत’ जैसे नारों को सुनते हुए जब बड़ी हुई, तो उसने पाया कि असल में उसके पास आगे बढ़ने के पहले जितने अवसर भी उपलब्ध नहीं हैं। तो वह हिसाब मांग रही है। इसका जवाब ‘सप्तधारा’ जैसे नए नैटेरिव गढ़ कर नहीं दिया जा सकता। ना ही ‘दिमागी नक्सलियों’ को अलग-थलग करने जैसे एलान नई परिस्थितियों में अपेक्षित भय पैदा कर सकेंगे।


Previous News Next News

More News

राजनीति का विमर्श बदल रहा है

August 28, 2026

चुनावी राजनीति का विमर्श बदल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी भले राजनीतिक दल नहीं बनी है और बने तो हो सकता है कि कामयाब नहीं हो पाए। लेकिन उसने देश के राजनीतिक विमर्श को बदल दिया है। जंतर मंतर पर सीजेपी के आंदोलन ने एक नए विमर्श को जन्म दिया है, जिसमें एजुकेशन,…

बिहार और उत्तर प्रदेश में अलर्ट

August 28, 2026

नई दिल्ली। नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ के बाद नेपाल से सटे बिहार और उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल में एक और बाढ़ की चेतावनी के बाद दोनों सीमावर्ती राज्यों में चिंता बढ़ गई है। नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद बिहार के गंडक…

नेशनल लॉ स्कूल का दीक्षांत समारोह रद्द

August 28, 2026

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत को चीफ गेस्ट बनाए जाने के विरोध में छात्रों का विरोध बढ़ता जा रहा है। छात्रों के विरोध के कारण नेशनल लॉ स्कूल यानी एनएलएसआईयू, बेंगलुरु का दीक्षांत समारोह रद्द हो गया है। यह दीक्षांत समारोह 12 सितंबर को होने वाला था। यूनिवर्सिटी की ओर से 27…

भागवत की यूएस यात्रा से पहले बढ़ा विवाद

August 28, 2026

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा से पहले विवाद बढ़ गया है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी सहित कई व्यक्तियों और संगठनों ने उनकी यात्रा का विरोध किया है। इस बीच गुरुवार को अमेरिकन हिंदूज फॉर इंगेजमेंट एंड डायलॉग फोरम यानी अहेड का एक्स अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया…

परिसीमन पर खड़गे ने मोदी को लिखी चिट्ठी

August 28, 2026

नई दिल्ली। लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिसीमन को लेकर हो रही तैयारियों और संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्‌ठी लिखी। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि सरकार बुलडोज करके यानी जबरदस्ती करके परिसीमन बिल…

logo