बदले संतुलन पर मुहर

Categorized as संपादकीय

यह विडंबना ही है कि जिस ट्रंप प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में शक्ति के जरिए शांतिका सिद्धांत अपनाया है, उसे पश्चिम एशिया में ईरान की शक्ति को स्वीकार करते हुए अमन के लिए तैयार होना पड़ा है!

स्मरणीय है कि 27 फरवरी तक पश्चिमी देश ईरान के इस्लामी शासन को वैध नहीं मानते थे। उनकी ओर से ईरान बहिष्कृत देश था। उस पर अनेक प्रतिबंध लागू थे। इरान की अरबों डॉलर की संपत्ति उन्होंने जब्त कर रखी थी। होरमुज जलमार्ग के खुला या बंद होने का उस रोज तक कोई मुद्दा नहीं था। ईरान परमाणु विकल्प छोड़ने पर भी राजी हो गया था। फिर भी अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को शासन परिवर्तन के लक्ष्य के साथ वहां हमला बोल दिया। अब 108 दिन बाद अमेरिका उसी इस्लामी शासन से शांति समझौता करने पर राजी हुआ है।

अगर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पेच फंसाने में नाकाम रहे, तो 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस 14 सूत्री सहमति-पत्र पर दस्तखत हो जाएंगे। हालांकि ये दस्तावेज अभी जारी नहीं हुआ है, मगर उपलब्ध सूचनाओं के मुताबिक उसके तहत परमाणु मुद्दे पर 60 दिन की तकनीकी वार्ता होगी। उसके पहले लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म होगा और अमेरिका उस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति घटाएगा। इजराइल समझौते को माने, यह सुनिश्चित करना अमेरिका का दायित्व होगा। साथ ही ईरान पर से तमाम प्रतिबंध हटेंगे, उसकी जब्त संपत्ति का आधा हिस्सा (12 बिलियन डॉलर) उसे लौटाया जाएगा, और युद्ध से हुए नुकसान के बदले उसे मुआवजा दिया जाएगा।

कुछ खबरों के मुताबिक यूएई ने ‘पुनर्निर्माण राशि’ का एक बड़ा हिस्सा ईरान तक पहुंचा भी दिया है। ये सूचनाएं सही हैं, तो यही कहा जाएगा कि यह करार पश्चिम एशिया में बदले शक्ति संतुलन पर मुहर लगाने का दस्तावेज बनेगा। इसके जरिए पश्चिम एशिया में ईरान की प्रभावशाली हैसियत को स्वीकार किया जा रहा है। परोक्ष रूप से अमेरिका ने यह भी मान लिया है कि उस क्षेत्र में इजराइल के चुनौती-विहीन प्रभुत्व और अनियंत्रित शक्ति को अब प्रोत्साहन या समर्थन देने की स्थिति में वह नहीं है। यह विडंबना ही है कि जिस ट्रंप प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ‘शक्ति से शांति’ (यानी डर के जरिए अमन) का सिद्धांत अपनाया है, उसे पश्चिम एशिया में ईरान की शक्ति को स्वीकार करते हुए अमन के लिए तैयार होना पड़ा है!


Previous News Next News

More News

जी-7 सम‍िट : पीएम मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज की अहम मुलाकात

June 17, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात की। इस साल दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात थी। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने भारत और जर्मनी…

जी7 शिखर सम्मेलन के वर्किंग सेशन में शामिल हुए पीएम मोदी

June 17, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के एवियन में आयोजित ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) शिखर सम्मेलन में “संतुलित, समावेशी और सतत आर्थिक विकास” पर आधारित एक कार्य सत्र में भाग लिया। इस सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के कई बड़े नेताओं से मुलाकात की, जिनमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के…

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश बोले- भाजपा के लिए धर्म नहीं, धन महत्वपूर्ण

June 17, 2026

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बहाने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आस्था और धर्म की राजनीति करती है, लेकिन उसके लिए सबसे अधिक महत्व धन का है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश…

बिहार : पूर्व विधायक अंबिका यादव का निधन

June 17, 2026

बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व विधायक अंबिका यादव का मंगलवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर में उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार को उनके निधन की सूचना मिलते ही कैमूर जिले समेत…

होर्मुज में बढ़ी जहाजों की आवाजाही, ईरान के तीन तेल टैंकरों ने अमेरिकी नाकेबंदी को किया पार

June 17, 2026

होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ने लगी है। मैरीटाइम एनालिसिस फर्म विंडवर्ड ने बताया कि मंगलवार को 14 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे, जो इस महीने का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा है। जो इस महीने का अब तक का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा है। इस बढ़ोतरी को शिपिंग कंपनियों के बीच धीरे-धीरे लौटते…

logo