संकट का नया बिंदु

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जोहरान ममदानी की जीत से अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण तीखा होने के साथ-साथ कई स्तरों पर विभाजन बढ़ने की आशंका है। वैसे यह कोई छोटी विडंबना नहीं है कि दुनिया के सर्व-प्रमुख वित्तीय महानगर का मेयर अब एक डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट है!

जोहरान मामदानी के विजयी होने पर एक टीकाकार ने कहा है कि न्यूयॉर्क के नव-निर्वाचित 34 वर्षीय मेयर को उन शख्सियतों का शुक्रगुजार होना चाहिए, जो सरकारी खजाना धनी लोगों को सौंपते चले गए। परिणाम आम न्यूयॉर्क वासी का “समाजवाद” की तरफ हुआ झुकाव है। भारतीय फिल्मकार मीरा नायर के बेटे मामदानी खुद को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट कहते हैं। कुछ महीने पहले उनका उल्के की तरह उदय हुआ, जब डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी में उन्होंने तत्कालीन मेयर एंड्रयू कुमो को हरा दिया। कुमो निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे। आखिर वक्त पर उन्हें राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का भी समर्थन मिला।

ट्रंप ने मामदानी को हराने के लिए ना सिर्फ अपनी पार्टी के उम्मीदवार पर कुमो को तरजीह दी, बल्कि यहूदियों से उन्हें वोट देने के लिए सांप्रदायिक अपील भी की। इसके पहले वे काफी समय से न्यूयॉर्क वासियों को डरा रहे थे कि अगर उन्होंने एक “कम्युनिस्ट” को मेयर चुनाव, तो संघीय वित्तीय सहायता रोक दी जाएगी। ट्रंप ने “अपने पुराने प्रिय शहर” में कम्युनिस्ट को मेयर बनने से रोकने को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। लेकिन महंगाई और दूभर होती जिंदगी से पीड़ित न्यूयॉर्क वासियों ने मकान किराया वृद्धि पर रोक, बस यात्रा की मुफ्त सेवा, बाल पालन-पोषण की सार्वजनिक व्यवस्था, एवं प्रशासन संचालित किराना दुकानों में उचित मूल्य पर सामग्रियों की बिक्री जैसे ममदानी के वादों पर ज्यादा भरोसा किया।

मगर इस तरह उन्होंने ट्रंप की नाराजगी मोल ली है, जिसका नतीजा यह हो सकता है कि लॉस एंजिल्स, शिकागो, न्यूपोर्टलैंड आदि शहरों की तरह न्यूयॉर्क भी ट्रंप के निशाने पर आ जाए। इससे अमेरिका में जारी ध्रुवीकरण और तीखा हो सकता है। ममदानी की जीत ने डेमोक्रेटिक पार्टी ऐस्टैबलिशमेंट के लिए भी मुश्किलें खड़ी की हैं, जो अपनी समाजवादी छवि कतई नहीं बनने देना चाहता। मगर ममदानी अब एक हकीकत हैं, जिनकी नीतियों के समर्थक देश भर में हैं। ऐसे में डेमोक्रेटिक पार्टी विभाजन की तरफ बढ़ सकती है। यानी ममदानी की जीत से कई स्तरों पर विभाजन की आशंका है। वैसे यह कोई छोटी विडंबना नहीं है कि दुनिया के सर्व-प्रमुख वित्तीय महानगर का मेयर अब एक डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट है!


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