बहुत समय पहले मशहूर कानूनविद् एजी नूरानी ने ‘फ्रंटलाइन’ पत्रिका में ‘टॉकिंग जजेज’ शीर्षक से एक लेख लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज कल अदालतों में सुनवाई के दौरान जज बहुत बोलने लगे हैं। जजों का काम बोलना नहीं होता है। नूरानी का कहना था कि जज बोल ज्यादा रहे हैं और उनके… Continue reading अदालत के सवाल और असली फैसले
