अब हवाई यात्रा भी आफत!

इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी भारतीय एयरलाइनों को, जो कि A320 पर निर्भर हैं, इस संकट से सबक लेना चाहिए। लागत कम करने के चक्कर में सुरक्षा से कोई भी समझौता नहीं करना चाहिए। एयरलाइनों को विविधीकरण अपनाना चाहिए, केवल एक निर्माता पर निर्भर न रहें। हवाई यात्रा ने आधुनिक युग में दुनिया को गांव बनाया… Continue reading अब हवाई यात्रा भी आफत!

मैकाले के इंजिन को ही मोदीजी चला रहे!

भारत की एकमात्र “अनलूटेबल” संपत्ति वह पतली परत है—अंग्रेज़ी-फ्लुएंट, विश्लेषणात्मक रूप से प्रशिक्षित दिमाग़ों की—जिसे मैकाले ने जन्म दिया था। बाकी कोयला, खनिज, नदियाँ—हमने ही चुरा लिए, बर्बाद किए, या लाल फ़ीते में कसकर बांध दिए। इतना सब होने के बावजूद हमने इसके साथ क्या किया? लगभग कुछ नहीं—बल्कि उल्टा किया। एक असहज सच है,… Continue reading मैकाले के इंजिन को ही मोदीजी चला रहे!

कामदेवः प्रेम, काम, वासना और रूप के देव

कामदेव को अनंग भी कहा जाता है। अनंग का अर्थ होता है- बिना अंग वाला अर्थात जिसके कोई शरीर नहीं हो, वह अनंग कहलाता है। भगवान शिव ने उनकी समाधि में विघ्न डालने के कारण रुष्ट होकर अपने तृतीय नेत्र से कामदेव को भष्म कर कामदेव पत्नी रति के रुदन को देखकर व देवताओं की… Continue reading कामदेवः प्रेम, काम, वासना और रूप के देव

‘डांसिंग भालूओं के बचाने, संरक्षण की दास्तां

भारत में अंतिम डांसिंग भालू अदित का 2009 में बचाया जाना इस कुप्रथा के औपचारिक अंत का प्रतीक है, लेकिन इससे जुड़े नैतिक और नीतिगत प्रश्न यहीं समाप्त नहीं होते। क्या वन्यजीव संरक्षण केवल कानून की भाषा में सीमित रह सकता है, या उसे सामाजिक सुधार, गरीबी उन्मूलन और शिक्षा की नीतियों के साथ जोड़कर… Continue reading ‘डांसिंग भालूओं के बचाने, संरक्षण की दास्तां

अमेरिका को पीछे छोड़ आगे बढ़ी दुनिया!

जी-20 के जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन से साफ जाहिर हुआल है कि अमेरिका की गैर-हाजिरी से वहां ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। जी-20 तो वैसे भी दुनिया की नई कथा से मामूली रूप से ही जुड़ा हुआ है। यह कथा लिखने के प्रमुख मंच ब्रिक्स+, यूरेशियन इकॉनमिक यूनियन, शंघाई सहयोग संगठन आदि जैसे संगठन हैं, और वहां… Continue reading अमेरिका को पीछे छोड़ आगे बढ़ी दुनिया!

आखिरकार नक्सलवाद हुआ खत्म

पिछले कुछ माह से सुरक्षाबल जिस तरह शीर्ष नक्सलियों को निपटा रहे है, उसे देखते हुए यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि मोदी सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाते हुए सुरक्षाबलों को हर तरह के संसाधन उपलब्ध कराए और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दशकों बाद तरक्करी का रास्ता साफ किया है। इस 18 नवंबर को… Continue reading आखिरकार नक्सलवाद हुआ खत्म

कांग्रेस जा रही रसातल में

कांग्रेस को जोड़े रखने में नेहरू, गांधी परिवार और सत्ता ये दो फेविकोल रहे हैं। अब दोनों का जोड़ समाप्त हो रहा है। परिवार कमजोर हो रहा है और सत्ता आती नहीं दिख रही है। इसलिए कांग्रेस के बड़े और लोकप्रिय नेता पार्टी छोड़ रहे हैं और राहुल गांधी ऐसा दिखा रहे हैं, जैसे उनको… Continue reading कांग्रेस जा रही रसातल में

‘गुस्ताख़ इश्क़’: पुराने ज़माने के प्रेम की नई दास्तान

पुरानी दिल्ली की गलियों में शूट किए गए दृश्य फ़िल्म को एक सपनों जैसा रंग देते हैं। ।।।।“उल जलूल इश्क़”, “आप इस धूप में”, और “शहर तेरे” जैसे गीत केवल गाने नहीं, बल्कि कहानी की आत्मा हैं। संगीत का सुर और शब्दों की कोमलता फ़िल्म की नज़ाकत को और बढ़ा देती है। धुनें दिल में… Continue reading ‘गुस्ताख़ इश्क़’: पुराने ज़माने के प्रेम की नई दास्तान

बाल उत्पीड़न है गंभीर मसला

राष्ट्रीय स्तर पर हुए अध्ययनों से पता चलता है कि भारत में बच्चों के बड़े हिस्से ने किसी न किसी रूप में यौन शोषण का अनुभव किया है। कई अध्ययनों में यह अनुपात 40–50 प्रतिशत तक बताया गया है। आध्यात्मिक आश्रमों, धार्मिक आवासीय विद्यालयों, मदरसों, कॉन्वेंट्स, हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों जैसे बंद व अनुशासित माहौल… Continue reading बाल उत्पीड़न है गंभीर मसला

हर योजना और मामले में धमक मनवाना!

जब करना जो मर्जी है फिर बिना लोगों की जान लिए कर लें। काले कृषि कानून लाए। 750 से ज्यादा किसान मरे। फिर वापस लिए। काहे को लाए थे?  लोगों में अपनी सत्ता की धमक पैदा करने?  हो गई। उससे पहले नोटबंदी से हो गई थी। कोरोना में अचानक लाक डाउन करके लाखों लोगों को… Continue reading हर योजना और मामले में धमक मनवाना!

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