आयोग इस नतीजे पर पहुंचा कि भारत वैक्सीन और औषधि उत्पादन में वैश्विक पॉवरहाउस बन गया है, लेकिन उसकी घरेलू स्वास्थ्य सेवाएं गुणवत्ता एवं उपलब्धता के नजरिए से विषमता-ग्रस्त हैं। नतीजतन करोड़ों लोग जरूरी इलाज से वंचित रह जाते हैं। भारत की आबादी के एक बड़े हिस्से के ‘स्वास्थ्य न्याय’ से वंचित रहने का प्रमुख… Continue reading जो अनुभव- सिद्ध है
