दीपिंदर गोयल ने इटरनल ग्रुप के सीईओ का पद छोड़ने का किया ऐलान

Categorized as प्रादेशिक समाचार

देश में फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट का संचालन करने वाली कंपनी इटरनल ग्रुप के सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफे का ऐलान किया है। उनकी जगह यह पद अलबिंदर ढींढसा संभालेंगे, जो कि मौजूदा समय में ब्लिंकिट के सीईओ हैं।  

कंपनी ने फाइलिंग में कहा कि दीपिंदर गोयल का इस्तीफा एक फरवरी,2026 से लागू होगा। शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में गोयल ने कहा कि हाल ही में उनका रुझान ऐसे नए विचारों की ओर हुआ है जिनमें उच्च स्तर का जोखिम, प्रयोग और अन्वेषण शामिल है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे विचारों को इटरनल जैसी सार्वजनिक कंपनी से बाहर रहकर ही आगे बढ़ाना बेहतर है, क्योंकि इटरनल को अपनी वर्तमान व्यावसायिक रणनीति पर केंद्रित और अनुशासित रहना आवश्यक है। अगर ये विचार इटरनल के रणनीतिक दायरे में आते, तो मैं कंपनी के भीतर ही इन पर काम करता।

Also Read : गणतंत्र दिवस पर स्वदेशी लाइट फील्ड गन से ऐतिहासिक 21 तोपों की सलामी

अंत में उन्होंने कहा, हालांकि मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि मेरे पास इटरनल में अपने वर्तमान कार्य को जारी रखने और इसके बाहर नए विचारों को तलाशने के लिए पर्याप्त समय है, लेकिन भारत में एक सार्वजनिक कंपनी के सीईओ से कानूनी और अन्य अपेक्षाएं एक ही लक्ष्य पर केंद्रित रहने की मांग करती हैं।

हाल ही में 10-मिनट डिलीवरी को लेकर काफी विवाद हुआ था। सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए क्विक कॉमर्स कंपनियों को 10 मिनट डिलीवरी बंद करने की सलाह दी थी, जिसके बाद कंपनियों ने इसे बंद कर दिया है।

श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रमुख फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से 10 मिनट के सख्त डिलीवरी समय के नियमों को खत्म करने को कहा था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

दिल्ली में मांडविया ने ब्लिंकइट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के अधिकारियों के साथ चर्चा की थी, जिसमें उन्होंने डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने प्लेटफॉर्म और प्रचार सामग्री से सख्त डिलीवरी समय सीमा हटाने की सलाह दी थी।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

दलबदल में चुनाव आयोग की मनमानी!

September 20, 2026

ऐसा लग रहा है कि दलबदल के मामले में चुनाव आयोग को किसी नियम का पालन करने की जरुरत नहीं महसूस होती है। वह अपनी या सत्तारूढ़ दल की सुविधा के हिसाब से नियमों को लागू करती है। अगर ऐसा नहीं होता है तो लोक जनशक्ति पार्टी से लेकर शिव सेना और एनसीपी से होते…

मिलन प्रधान तो शुभेंदु के साथ ही आंदोलन में थे

September 20, 2026

पश्चिम बंगाल में बहुत दिलचस्प घटनाक्रम चल रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अपनी पारंपरिक विधानसभा सीट और अपने परिवार का गढ़ माने जाने वाले नंदीग्राम में उपचुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बनाया है। तभी ममता बनर्जी की पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे को चुनाव मैदान से हटाया गया। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख…

यूपी में महिला नेताओं का मुकाबला दिखेगा

September 20, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अविवाहित हैं। इसलिए उनके चुनाव प्रचार में परिवार के सदस्य नहीं दिखते हैं, जैसा आमतौर पर दूसरे नेताओं के प्रचार में दिखता है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिला नेताओं का मुकाबला नहीं होगा। इस बार यूपी में जिस तरह से राज्य…

मोदी के जन्मदिन पर एनडीए की एकता का प्रदर्शन

September 20, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76 साल के होने का जश्न बहुत व्यवस्थित और सांस्थायिक तरीके से मनाया गया। एक एक चीज बहुत संयोजन के साथ की गई। दीये जलाने से लेकर गीत लॉन्च करने और रक्तदान शिविर से लेकर सफाई अभियान तक के सारे कामों की योजना बनी थी। ऐसे ही योजनाबद्ध तरीके से बाइक…

ममता को सचमुच ‘श्राप’ लग गया

September 20, 2026

अभी पश्चिम बंगाल में जो घटनाक्रम चल रहा है उसे देख कर कह सकते हैं कि ममता बनर्जी अपनी ही बनाई दवाई के प्रयोग झेल रही हैं। उन्होंने पूरी जिंदगी जिस तरह की राजनीति की उसी का प्रतिफल उनको मिल रहा है। वे जिस पार्टी में रहीं और अपना राजनीतिक अस्तित्व बनाया उसी कांग्रेस पार्टी…

logo