महान राष्ट्र हमेशा गैंगस्टरों जैसे, छोटे राष्ट्र वेश्याओं की तरह

आज लिखना शुरू करने ही वाला था कि ‘द इकॉनोमिस्ट’ पत्रिका के ऐप पर आज के ही (8 मार्च 2026) Today’s Quote खंड में लिखा हुआ यह कोट पढ़ा — “द ग्रेट नेशन्स हैव ऑलवेज एक्टेड लाइक गैंगस्टर्स, एंड द स्मॉल नेशन्स लाइक प्रॉस्टिट्यूट्स।” (महान राष्ट्र हमेशा गैंगस्टरों की तरह व्यवहार करते हैं, वहीं छोटे… Continue reading महान राष्ट्र हमेशा गैंगस्टरों जैसे, छोटे राष्ट्र वेश्याओं की तरह

तो “दुबई मॉडल” भू-राजनीति की लपटों में!

“दुबईकरण” (“Dubaization”) शब्द जितना आकर्षक है, उतना ही विरोधाभासी भी। शहरी अध्ययन के विद्वान यासर एलशेश्तावी का गढ़ा गया यह शब्द उस विकास मॉडल का प्रतीक है जो तमाशे और चमक पर टिका है। आसमान छूती इमारतें, कृत्रिम द्वीप, असीम पूँजी और यह विश्वास कि समृद्धि राजनीति से आगे निकल सकती है। मगर इन दिनों… Continue reading तो “दुबई मॉडल” भू-राजनीति की लपटों में!

पांच ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य दूर हो गया

केंद्र सरकार ने महंगाई और विकास दर दोनों के आकलन का फॉर्मूला बदला है। साथ ही इसके आकलन का आधार वर्ष भी बदला गया है। सरकार ने जो फॉर्मूला अपनाया है उससे महंगाई दर में स्थायी रूप से कमी दिखाई देगी क्योंकि सरकार ने उसे खाने पीने की चीजों का अनुपात कम कर दिया है,… Continue reading पांच ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य दूर हो गया

युद्धः नौ दिन बाद

अमेरिका- इजराइल और ईरान का युद्ध किसी एक पक्ष की लड़ सकने की क्षमता चूकने जारी रहने की आशंका गहरी होती चली गई है। इसीलिए इसके संभावित आर्थिक एवं भू-राजनीतिक परिणामों को लेकर अब दुनिया चिंतित नजर आ रही है। ईरान पर अमेरिका- इजराइल के साझा हमले के बाद पहले नौ दिन में जाहिर हुआ… Continue reading युद्धः नौ दिन बाद

आजिज़ लोगों की उम्मीद

पुराने दलों एवं नेताओं का मखौल उड़ाना और उन्हें देश की समस्याओं की जड़ बताना बालेंद्र शाह के रैप गानों का थीम रहा। इस तरह उन्होंने जन भावनाओं को आवाज दी। असर हुआ कि लोगों ने उनको ही समाधान मान लिया है। नेपाल के चुनाव नतीजों से साफ है कि वहां के लोग पुरानी पार्टियों… Continue reading आजिज़ लोगों की उम्मीद

जस्टीस उज्जल भुइयां के नाम खुला पत्र

भारत में अंतर-मजहबी विवाह न तो नए हैं, न ही अवैध। दो वयस्कों के प्रेम-संबंध में मजहब-जाति, बाधा नहीं बननी चाहिए। लेकिन यदि विवाह छल आधारित हो और उसका उद्देश्य केवल मतांतरण के लिए दबाव बनाना हो, तो वह स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अपराध है। माननीय न्यायमूर्ति भुइयां जी, गत 21 फरवरी को हैदराबाद में एक… Continue reading जस्टीस उज्जल भुइयां के नाम खुला पत्र

इतना बेपर्द और बेशर्म क्यों हो गया है अमेरिका?

डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन की विदेश एवं युद्ध नीतियों का क्या मकसद है, अपने इस भाषण में मार्को रुबियो ने इसे दो-टूक या बेहिचक लहजे में दुनिया के सामने रखा।.. यह वह मार्ग है, जिस पर हम आपसे (यूरोप से) हमारे साथ जुड़ने का अनुरोध करते हैं। यह वह मार्ग है, जिस पर हम पहले भी… Continue reading इतना बेपर्द और बेशर्म क्यों हो गया है अमेरिका?

नीतीश के हाथ में अब कुछ भी नहीं

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पार्टी के विधायकों, सांसदों की बैठक बुलाई तो उसमें कहा कि सब कुछ पहले जैसा ही रहेगा और वे दिल्ली से पार्टी के कामकाज पर नजर रखेंगे। उनसे ज्यादा उनके साथ वाले नेताओं ने भरोसा दिलाने की कोशिश की। लेकिन हकीकत यह है कि नीतीश कुमार के… Continue reading नीतीश के हाथ में अब कुछ भी नहीं

ट्रंप प्रशासन ने भारत को एक्सपोज किया

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को एक्सपोज किया है। पता नहीं उनको क्या खुन्नस है कि भारत में जिन बातों पर परदा डालने की कोशिश होती है वे उस पर से परदा हटा देते हैं। पाकिस्तान के साथ सीजफायर वाले मामले को तो उन्होंने अभी तक नहीं छोड़ा है। वे… Continue reading ट्रंप प्रशासन ने भारत को एक्सपोज किया

संसद सत्र के पहले दिन से हंगामा

संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा कल यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत ही हंगामे से होगी। हालांकि सरकार इस बात के लिए तैयार है कि स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो और वोटिंग करा कर इसे खारिज किया जाए। निश्चित रूप से विपक्ष… Continue reading संसद सत्र के पहले दिन से हंगामा

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