चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के पांच अधिकारियों का किया ट्रांसफर

Categorized as प्रादेशिक समाचार

पश्चिम बंगाल विधानसभा के आम चुनाव 2026 की तैयारियों के मद्देनज़र चुनाव आयोग ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादलों और नई तैनाती को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश राज्य के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र के माध्यम से दिए गए हैं। 

आयोग द्वारा की गई समीक्षा के बाद पांच अधिकारियों की नई तैनाती तय की गई है। इसमें राठौड़ अमित कुमार भरत को डीआईजी रायगंज रेंज, अजीत सिंह यादव को डीआईजी मुर्शिदाबाद, श्रीहरि पांडे को डीआईजी बर्धमान, कंकर प्रसाद बरुई को डीआईजी प्रेसिडेंसी रेंज और अंजलि सिंह को डीआईजी जलपाईगुड़ी के रूप में तैनात किया गया है।

Also Read : बिहार में चार आईपीएस अधिकारियों का तबादला

आयोग ने निर्देश दिया है कि इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और सभी अधिकारी शीघ्र ही अपना कार्यभार ग्रहण करें। साथ ही, इनकी जॉइनिंग से संबंधित अनुपालन रिपोर्ट 19 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे तक आयोग को आवश्यक रूप से भेजें। इसके अतिरिक्त आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरित किए गए इन अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनावों की घोषणा करते हुए आश्वासन दिया था कि पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में चुनाव प्रलोभन मुक्त, निष्पक्ष, तटस्थ और शांतिपूर्ण होंगे। इसी उद्देश्य से चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों का ट्रांसफर किया है। चुनाव आयोग ने इससे पहले 17 मार्च को केरल के पांच अधिकारियों का भी तबादला किया था।

चुनाव आयोग ने आईपीएस अधिकारी नारायणन (डीआईजी रैंक) को कोझिकोड में जिला पुलिस प्रमुख, थॉमसन जोस को त्रिशूर डीआईजी रेंज, इनबासेखर को जिला कलेक्टर-सह-डीईओ अलापुझा, वंदना एस. केएएस को राजस्व मंडल अधिकारी, थालीपरंब सह-आरओ इरिकुर, कन्नूर और सचिन कृष्णा केएएस को जिला रजिस्ट्रार जनरल, कन्नूर सह-आरओ धर्मदम, कन्नूर के पद पर तैनात करने के निर्देश दिए थे।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

भाजपा के पास जवाब नहीं है

September 18, 2026

केंद्र सरकार ने यूपीआई के लेनदेन पर शुल्क लगाने का फैसला किया तो ऐसा लग रहा है कि भाजपा के अंदर भी लोगों को जानकारी नहीं थी। भाजपा के लोग भी समझ रहे थे या मान रहे थे कि जब सरकार कह रही है कि यह मुफ्त रहेगा तो मुफ्त ही रहेगा। तभी अचानक घोषणा…

अब डिजिटल पेमेंट के खिलाफ अभियान

September 18, 2026

भारत में सब कुछ अतिवादी अंदाज में होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2016 में नोटबंदी की और पांच सौ व एक हजार रुपए को नोट चलन से बाहर किए तब भाजपा और सरकार की ओर से संस्थागत रूप से नकदी को बुरा बताने का अभियान चला था। यह प्रचार होता था कि नकद…

एमडीआर पर जीएसटी भी लगेगा

September 18, 2026

एक तो वित्तीय मामलों की शब्दावली इतनी जटिल होती है कि कई बार जो होता है उसका उलटा कहा जाता है। जैसे यूपीआई के जरिए लेनदेन पर शुल्क लगाने वाले फैसले में यूपीआई की तरह ही बार बार एमडीआर शब्द का इस्तेमाल हो रहा है। इसका अर्थ है मर्चेंट डिस्काउंट रेट। सोचें, इसमें डिस्काउंट यानी…

केरल सरकार को क्यों नहीं समझाते राहुल

September 18, 2026

राहुल गांधी पूरे देश में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता की लड़ाई लड़ने की बीड़ा उठाए हुए हैं। वे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार हमले करते हैं कि वह मीडिया का गला घोंट रही है। पत्रकारों को अपना काम करने से रोक रही है। जब भी किसी पत्रकार के ऊपर कोई कार्रवाई होती…

उड़ानों को तरसते नए हवाई अड्डे

September 18, 2026

भारत को अधिक हवाई अड्डों की नहीं, काम करने वाले हवाई अड्डों की जरूरत है। खाली रनवे पर खर्च होते रहना विकास नहीं, बर्बादी है। जब रखरखाव का बिल ही कमाई से बड़ा हो जाए, तब नीति को गर्व नहीं, सुधार चाहिए। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए, यदि यही हाल रहा तो अगले…

logo