योगी सरकार के जीरो पावर्टी अभियान को ‘धार’ देंगे यूनिवर्सिटी और कॉलेज

Categorized as प्रादेशिक समाचार

योगी सरकार प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत योगी सरकार जीरो पावर्टी अभियान से प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को जोड़ने पर विचार कर रही है। इसके लिए विश्वविद्यालय और कॉलेज से एमओयू साइन किया जाएगा। 

यह विश्वविद्यालय और कॉलेज जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित निर्धन परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए 10 से 15 ग्राम पंचायतों को गोद लेंगे। इन संस्थानों के एनएसएस, एनसीसी, एमएसडब्ल्यू समेत विभिन्न कोर्स के छात्र जीरो पावर्टी परिवार के सदस्यों को आजीविका, कौशल विकास, रोजगार व सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों में इन्हे जोड़ने के लिए वालंटियर्स के रूप में काम करेंगे। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले राजधानी लखनऊ से होगी। वहीं सफल परिणाम के बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। 

प्रमुख सचिव नियोजन एवं जीरो पावर्टी अभियान के नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत के चिन्हित परिवारों को विश्वविद्यालय और कॉलेज के छात्रों द्वारा आजीविका संवर्धन, कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सर्वे करेंगे। इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए संस्थानों के स्तर पर नोडल शिक्षक की तैनाती की जाएगी, जो पूरे अभियान की निगरानी करेंगे और ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यक्रमों का मार्गदर्शन करेंगे।

Also Read : ‘कोई भूखा न रहे’ के संकल्प के साथ दिल्ली में लागू होंगे नए खाद्य सुरक्षा नियम: रेखा गुप्ता

युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के एनएसएस, एनसीसी और एमएसडब्ल्यू (सोशल वर्क) समेत विभिन्न कोर्स में अध्यनरत छात्रों को भी जोड़ा जाएगा। ये छात्र गांवों में जाकर जीरो पावर्टी परिवारों के सदस्यों की जरूरतों का आकलन करेंगे। 

प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए माइक्रो-प्लानिंग की जाएगी। युवाओं को स्किलिंग, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट लिंकेज से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, जीरो पावर्टी परिवार के युवाओं को आवेदन प्रक्रियाओं में सहायता दी जाएगी ताकि पात्र परिवार किसी भी योजना से वंचित न रहें। इतना ही नहीं, योग्य लाभार्थियों की नियमित मेंटरिंग और प्रगति की ट्रैकिंग भी की जाएगी।

इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत कवरेज मिले। इसे प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का समन्वय किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी स्तर पर एमओयू और त्रैमासिक समीक्षा बैठकें आयोजित होंगी, ताकि कार्यों की प्रगति का आकलन किया जा सके और आवश्यक सुधार किए जा सकें।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

भाजपा के सहयोगियों को चिंता

June 14, 2026

भारतीय जनता पार्टी की कई सहयोगी पार्टियां इन दिनों चिंता में बताई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली जीत और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस में हो रही टूट फूट से उनकी चिंता बढ़ी है। असल में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की कई सहयोगी पार्टियों…

नवीन पटनायक से सीखें ममता

June 14, 2026

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से ममता बनर्जी को सीखना चाहिए। 79 साल के नवीन पटनायक नए सिरे से शक्ति संचित कर रहे हैं और अपनी पार्टी को बचाने के साथ साथ उसे राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि 2024 के चुनाव के बाद उनकी पार्टी में…

केसीआर का दांव आजमाएंगे केजरीवाल

June 14, 2026

ऐसा लग रहा है कि अरविंद केजरीवाल चौंकाने वाला कोई फैसला कर सकते हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि वे पंजाब में समय से पहले चुनाव करा सकते हैं। ध्यान रहे पंजाब में अगले साल मार्च में चुनाव होने वाला है। बताया जा रहा है कि केजरीवाल उससे पहले नवंबर में चुनाव कराना चाहते…

नीति आयोग की बैठक में पहुंचे सभी सीएम

June 14, 2026

केंद्र में पहली बार सरकार बनाने के बाद ही नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग का नाम बदल कर नीति आयोग किया था। उसके बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि नीति आयोग की गवर्निंग कौंसिल की बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं। इससे पहले हर बार दो या तीन मुख्यमंत्री बैठक में…

विनाश से विकास की ओर बंगाल

June 14, 2026

असल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के अंदर बेचैनी पहले से थी वे छटपटा रहे थे और निकलने को बेचैन थे। लेकिन दूसरी कोई संभावना उनको नहीं दिख रही थी इसलिए वे मन मार कर ममता बनर्जी के साथ थे। जैसे ही उन्हें सुवेंदु अधिकारी के रूप में दूसरी संभावना दिखी उन्होंने खुले मन से…

logo