राहुल मंदिर मामले में नहीं बोल रहे हैं

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कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अजय राय ने अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी पर खूब राजनीति की। वे अपनी पार्टी के सांसदों और अन्य नेताओं के साथ अयोध्या पहुंचे। वहां उनको हाउस अरेस्ट किया गया। पार्टी के दूसरे नेताओं ने प्रदर्शन किया और पूरे मामले की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की। दूसरी विपक्षी पार्टियों खास कर उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी और कांग्रेस की सहयोगी समाजवादी पार्टी ने भी इसे मुद्दा बनाया है, बल्कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को इस मामले का खुलासा करने वाले नेता हैं। उन्होंने ही सबसे पहले सोशल मीडिया में पोस्ट डाल कर बताया कि चढ़ावा चोरी हो रही है। इसके लिए वे भाजपा नेताओं के निशाने पर भी हैं। भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों में से एक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सपा प्रमुख के संपर्क में था। उन्होंने अखिलेश यादव के घरेलू नाम टीपू से जोड़ कर कहा कि टिन्नू टीपू के संपर्क में था। इस पर अखिलेश यादव ने कानून कार्रवाई की धमकी भी दी।

बहरहाल, यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष बोल रहे हैं। सपा अध्यक्ष बोल रहे हैं लेकिन राहुल गांधी इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। प्रियंका गांधी वाड्रा भी नहीं बोल रही हैं। सोनिया गांधी तो खैर इन दिनों काफी कम बयान देती हैं और उनको बड़े मामलों में कुछ कहना होता है तो वे लेख लिखती हैं। राहुल का इस पर बयान नहीं देना रणनीतिक दिखाई दे रहा है। वे हर मामले पर बोलते हैं लेकिन इस मामले में चुप हैं। कांग्रेस के एक जानकार नेता का कहना है कि राहुल इसलिए चुप हैं क्योंकि वे कुछ भी बोलेंगे तो भाजपा और आरएसएस के पूरे सिस्टम को मामले को घुमाने का मौका मिल जाएगा। सारा फोकस चढ़ावा चोरी के मामले से हट कर राहुल गांधी के बयान पर आ जाएगा। यह भी खतरा दिख रहा है कि जैसे अखिलेश को निशाना बनाया जा रहा है वैसे ही राहुल को बनाया जाने लगेगा।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा के नेता इंतजार कर रहे हैं कि कब राहुल गांधी इस पर बोलें तो याद दिलाया जाए कि अभी तक वे राममंदिर में दर्शन करने नहीं गए हैं। यह भी तो अभी से कहा जा रहा है कि वे लोग कैसे राम की आस्था का मुद्दा उठा रहे हैं, जिन्होंने कभी राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे। गौरतलब है कि राम सेतु मामले में उस समय की कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अपने हलफनामे में इस तरह की बात कहने की खबर आई थी। हालांकि कांग्रेस नेता इससे इनकार करते हैं। कांग्रेस को लग रहा है कि जब तक हिंदू समाज के लोग और राइटविंग के लोग खुद ही चढ़ावा चोरी का मामला उठा रहे हैं और पूरी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं तो विपक्ष को और खास कर राहुल गांधी को इससे दूर रहना चाहिए। यह भी कहा जा रहा है कि संघ मुख्यालय नागपुर से लेकर दिल्ली, लखनऊ और अयोध्या तक के सत्ता केंद्र आपस में ही लड़ रहे हैं। संघ और विहिप के बीच भी तनातनी है। ऐसे में अगर राहुल गांधी बयान देते हैं तो सब एक होकर उनको निशाना बनाने लगेंगे। इसलिए राहुल ने चुप्पी साध रखी है। वे बोलेंगे लेकिन अभी नहीं। हो सकता है कि चुनाव के समय बोलें या उनका बयान तब आए, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में कुछ बोलें। वे भी अभी तक चुप हैं।


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