ममता के बाद अभिषेक के गढ़ पर नजर

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शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी का गढ़ तोड़ दिया है। पिछली बार यानी 2021 में तो ममता बनर्जी नंदीग्राम लड़ने गई थीं, जो शुभेंदु अधिकारी का गढ़ है। वहां भी वे चुनाव हार गईं। इस बार शुभेंदु उनके गढ़ में लड़ने आए थे और भबानीपुर सीट पर उनको हरा दिया। इस तरह शुभेंदु ने ममता का गढ़ तोड़ा। कोलकाता को लेकर तो तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा था कि भाजपा एक भी सीट जीत जाएगी तो वे सिर मुंडवा लेंगे। वहां भाजपा ज्यादातर सीटों पर जीत गई। ममता बनर्जी के कई मंत्री कोलकाता में चुनाव हार गए। अब ममता का गढ़ तोड़ने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने अभिषेक बनर्जी को चुनौती दी है। वे अभिषेक के डायमंड हार्बर के गढ़ को तोड़ने की तैयारी में हैं।

इसके लिए उन्होंने फालता विधानसभा सीट को चुना है, जहां 21 मई को चुनाव होने वाला है। गौरतलब है कि बड़ी संख्या में ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों की वजह से चुनाव आयोग ने फालता सीट का मतदान रद्द कर दिया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी सबसे पहले फालता में रैली करने गए। वहां एक बड़ी रैली करके उन्होंने कहा कि एक लाख वोट से जीत चाहिए। इस सीट पर तृणमूल के जहांगीर खान चुनाव लड़ रहे हैं। उनके बारे में खबर मिली थी कि वे मतदाताओं को धमका रहे हैं। तभी केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा ने वहां जाकर नाम लेकर उनको चेतावनी दी थी। फालता सीट डायमंड हार्बर लोकसभा के तहत है और अभिषेक बनर्जी का दावा है कि डायमंड हार्बर मॉडल भाजपा 10 जनम में नहीं तोड़ पाएगी। फालता में जहांगीर खान अपना जेके मॉडल भी चलाते हैं। वहां भी अगर भाजपा जीतती है तो पश्चिम बंगाल में उसकी जीत कम्पलीट मानी जाएगी।


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