ऐसा लग रहा है कि हरियाणा की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी को अभी कुलदीप बिश्नोई की जरुरत है। तभी राज्यसभा सांसद और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेखा शर्मा से माफी मंगवाई गई है। असल में पिछले दिनों रेखा शर्मा ने कुलदीप बिश्नोई के दिवंगत पिता भजनलाल को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। उसके बाद कुलदीप ने बहुत तीखा हमला किया था। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में उनका बड़ा योगदान है। उन्होंने यह भी कहा कि छह से सात फीसदी वोट भजनलाल के समर्थकों का है, जो भाजपा को मिला है।
चूंकि भाजपा अब भी पूरी तरह से गैर जाट राजनीति कर रही है इसलिए वह सिर्फ अन्य पिछडी जातियों का प्रतिनिधित्व कर रहे नायब सिंह सैनी के सहारे नहीं चल सकती है। उसे अहीरवाल इलाके का यादव वोट खिसकने का भी खतरा है। संभवतः इसलिए रेखा शर्मा से कहा गया कि वे अपने बयान पर खेद जताएं और माफी मांगे। शर्मा ने माफी मांग ली है और माना जा रहा है कि यह विवाद सुलझ जाएगा। लेकिन सवाल यह है कि कुलदीप बिश्नोई को क्या मिलेगा? वे खुद, उनकी पत्नी रेणुकी बिश्नोई और बेटे भब्य में से कोई भी किसी भी सदन का सदस्य नहीं है। भजनलाल परिवार यह स्थिति ज्यादा समय तक बरदाश्त नहीं कर पाता है।
