यह लाख टके का सवाल है कि नितिन गडकरी क्या कर रहे हैं? उनके मंत्रालय को लेकर गाहे बगाहे खबरें आती हैं वह भी पहले की तरह नहीं। पहले तो केंद्र सरकार के सिर्फ एक मंत्री की चर्चा होती थी और वह मंत्री होते थे नितिन गडकरी। उनकी चौतरफा जय जयकार होती थी। उनके बारे में कहा जाता था कि वे सबसे अच्छा काम कर रहे हैं। अब भी उनके मंत्रालय की एकाध खबरें आती हैं। कभी पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की तो कभी टोल वसूली के ज्यादा आधुनिक तरीके की। हालांकि इसे लेकर उनका मजाक ज्यादा बनता है। लोग टोल वसूली के लिए उन्हीं को जिम्मेदार बताते हैं।
राजनीतिक मामलों में उनकी खबरें अब नहीं के बराबर होती हैं। लेकिन अभी दो राज्यों में मुख्यमंत्रियों की शपथ में यह बात और उजागर हो गई। बिहार में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो राष्ट्रीय अध्यक्ष और दूसरे पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मौजूद थे। नितिन नबीन के अलावा राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा उसमें शामिल हुए। लेकिन नितिन गडकरी नदारद रहे। इसी तरह शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ के समारोह में भी गडकरी नहीं पहुंचे। आमतौर पर किसी राज्य में भाजपा की सरकार शपथ लेती है तो ऐसे सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष उसमें शामिल होते हैं, जो राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं।
